रात 12 बजे भर्ती स्थल पर रिपोटिंग जरूरी, भर्ती स्थल पर पानी भरा तो सड़क पर दौड़
जबलपुर। भारतीय सेना की अग्निपथ योजना के तहत चल रही भर्ती में कई जिलों से आए हजारों युवाओं को ‘अग्निवीर’ बनने से पहले अव्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। तेज बारिश में अग्निवीरों को सिर छिपाने का ठिकाना नहीं, रात 12 बजे भर्ती स्थल पर रिपोटिंग (उपस्थिति) और मैदान में पानी भरा होने से सड़क पर दौड़ आदि ऐसी परेशानियों के बीच पहले अव्यवस्थाओं से ‘अग्निपरीक्षा’ देना पड़ रही है।
पेड़ों के नीचे सिर छिपा रहे युवा, न बस और न ही खान-पान की व्यवस्था
जम्मू- कश्मीर राइफल्स (जैक) रेजिमेंटल सेंटर में आर्मी में जरनल ड्यूटी,तकनीकी,क्लर्क/स्टोर कीपर तकनीकी,ट्रेडसमैन पदों के लिए अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती में शामिल होने कई जिलों से आए युवाओं को कई अग्निपरीक्षा से होकर गुजरना पड़ रहा है। दरअसल, जिस दिन से भर्ती प्रारंभ हुई अचानक इंद्र देव मेहरबान हो गए, लगातार बरसात को दौर जारी है। ट्रेनें लेट चल रही है,बरसात के कारण सिर छिपाने के लिए आसरे की तलाश मुश्किल है, वहीं आर्मी के टाइम टेबल के तहत उन्हें रात 12 बजे तक ग्रांउड में रिपोर्टिग करनी होती है। इस दौरान भले ही बरसात हो रही हो। भर्ती मैदान में बरसात का पानी भर गया है। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक दस्तावेजों का परीक्षण व अन्य प्रक्रियाओं को आर्मी अधिकारियों द्वारा पूरा किए जाने के बाद 16 सौ मीटर की दौड़ प्रारंभ होती है। अग्निवीरों के लिए इस बार दौड़ इतनी आसान नहीं है,क्योंकि अभ्यार्थियों को ग्राउंड की जगह सड़क पर ही दौड़ाया जा रहा है। 200 से 400 के बैच में दौड़ का आयोजन होता है,सहज ही समझा जा सकता है कि इतनी संख्या में जब अभ्यार्थी ज्यादा से ज्यादा बीस फीट चौड़ी सड़क पर एक दूसरे से आगे निकलने का प्रयास करते होंगे तो क्या दृश्य बनता होगा। दौड़ पांच मिनिट 30 सेकेंड में पूरी करनी होती है। वहीं भर्ती स्थल पर जाने न बस मिल रही है और न ही घोषणा के अनुसार नोटरी और फोटो कॉपी की मशीन उपलब्ध कराई गई। बारिश में भीगते युवाओं के दस्तावेज भी गीले होने से अलग परेशानी हुई। इस तरह इंद्रदेव भी अग्निवीरों की परीक्षा ले रहे हैं।