बिशप के यहां ईओडब्ल्यू की रेड के बाद प्रशासन की कार्रवाई
जबलपुर। ईओडब्ल्यू की रेड के बाद द बोर्ड ऑफ एजूकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया डायोसिस के बिशप पीसी सिंह के कार्यालय और निवास से जब्त दस्तावेजों की पड़ताल के साथ ही जिला प्रशासन का राजस्व विभाग मिशनरी को आवंटित जमीनों का रिकार्ड खंगालने की तैयारी में है। बताया जाता है कि संस्था या उससे जुड़े लोगों को कहां-कहां जमीन लीज पर आवंटित की गई और उसका वर्तमान में क्या स्टेटस है, यह पड़ताल की जा रही है। लीज किस मद के लिए किस वर्ष में प्रदाय की गई और उसका वर्तमान में क्या उपभोग किया जा रहा है। किसी जमीन का मद बदला गया है या नहीं और बदला गया है तो क्यों। राजस्व अमला सभी दस्तोवेजों का बारीकी से परीक्षण कर रहा है। वहीं ईओडब्ल्यू की टीम बिशन पीसी सिंह के कंट्रोल में चलने वाले 48 बैंक खातों से अब तक हुए ट्रांसफर की जानकारी एकत्र कर रही है। गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीम ने बिशप पीसी सिंह के घर में सर्च कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 65 लाख रुपए नगद, 18 हजार 552 डॉलर, 118 पाउंड के साथ 17 संस्थानों के दस्तावेज जब्त किए थे।
संस्थाओं को ट्रांसफर राशि का ब्यौरा भी जांच में
ईओडब्ल्यू ने प्राथमिक जांच में पाया गया है कि चेयरमैन पीसी सिंह ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मूल सोसायटी का नाम परिवर्तन कर उसका चेयरमैन बनकर पद का दुरुपयोग करते हुए सोयासटी की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं से प्राप्त होने वाली छात्रों की फीस की राशि का उपयोग धार्मिक संस्थाओं को चलाने एवं स्वयं के उपयोग में लेकर गबन किया है। वर्ष 2004-05 से वर्ष 2011-12 तक शैक्षणिक संस्था की करीब 2 करोड़ 70 लाख रुपए की राशि धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर करने के प्रथमदृष्टया प्रमाण मिले हैं। बिशप पीसी सिंह पर आरोप है कि उन्होंने गबन की राशि से जबलपुर, मिर्जापुर सहित देश के अन्य हिस्सों में अचल संपत्तियां खरीदी हैं।
