जर्मनी से बेंगलुरु होते हुए नागपुर आने की सूचना पर अलर्ट थी टीम
जबलपुर। द बोर्ड ऑफ एजूकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया डायोसिस के बिशप प्रेम चंद सिंह को ईओडब्ल्यू की टीम ने नागपुर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। पीसी सिंह के निवास और कार्यालय में ईओडब्ल्यू द्वारा की गई सर्च कार्रवाई के दौरान पीसी सिंह के जर्मनी में होने की बात सामने आई थी। हाई प्रोफाइल मामले की जांच में जुटी ईओडब्ल्यू की टीम पीसी सिंह के हर मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी। टीम को सूचना मिली कि बिशप प्रेम चंद्र सिंह नई दिल्ली से बेंगलुरू से होते हुए नागपुर एयरपोर्ट पहुंचेगा। नागपुर एयरपोर्ट में पहले से मौजूद ईओडब्ल्यू की टीम केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के सहयोग से बिशप को हिरासत में लेकर जबलपुर लेकर आ रही है।
ईओडब्ल्यू सहित अन्य एजेंसियां करेंगी पूछताछ
ईओडब्ल्यू एसपी देवेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि हिरासत में लेकर बिशप से ईओडब्ल्यू सहित अन्य एजेंसियां पूछताछ करेंगी। बिशप पीसी सिंह से संबंधित संपूर्ण कार्रवाई डीजी ईओडब्ल्यू अजय शर्मा के निर्देशन पर एडीजी ईओडब्ल्यू मोहम्मद शाहिद अबसार द्वारा विभिन्न एजेंसियों से समन्वय बनाया गया है। ईओडब्ल्यू ने आरोपी बिशप पीसी सिंह, बीएस सोलंकी तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स एंड संस्था के विरुद्ध धारा 406, 420, 668, 47, 120 बी का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था। ईओडब्ल्यू एसपी देवेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि चेयरमैन पीसी सिंह पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मूल सोसायटी का नाम परिवर्तन कर उसका चेयरमैन बनकर पद का दुरुपयोग करते हुए सोयायटी की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में प्राप्त होने वाली छात्रों की फीस की राशि का उपयोग धार्मिक संस्थाओं को चलाने एवं स्वयं के उपयोग में लेकर गबन करने का आरोप है। वर्ष 2004-05 से वर्ष 2011-12 तक शैक्षणिक संस्था की करीब 2 करोड़ 70 लाख रुपए की राशि धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर करने के प्रथम दृष्टया प्रमाण ईओडब्ल्यू को मिले थे। मामले की शुरु आती जांच के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने बिशप पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित घर और ऑफिस में छापामार कार्रवाई की थी। बिशप पीसी सिंह पर आरोप है कि उन्होंने गबन की राशि से कई अचल संपत्तियां भी क्रय की हैं।