कुलपति को हटाने की मांग लेकर छात्र-छात्रएं अड़े, यूनिवर्सिटी बंद करने का फरमान
जबलपुर। धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (डीएलयू) में हड़ताली छात्र-छात्रओं के बीच हाईकोर्ट के एक जज बिना सुरक्षा के दो पहिया वाहन से पहुंचे और उनकी पीड़ा सुनी। वहीं तानाशाही पर उतारू विवि प्रशासन ने अकादमिक भवन खाली करने सहित यूनिवर्सिटी बंद करने और ऑनलाइन क्लास जारी रखने का फरमान भेज चुका है। इससे पहले आंदोलन कर रहे स्टूडेंट हाईकोर्ट जजों के समक्ष अपनी बात रख चुके हैं। डीएलयू कुलपति प्रो. वी नागराज को हटाने की मांग लेकर 11वें दिन भी अनशन जारी रहा और भूख हड़ताल कर रहे जत्थे में शामिल 3 छात्रओं की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्र-छात्रएं अपनी मांगों पर अड़ हुए हैं।
कुलपति व सुरक्षाकर्मियों पर बेहूदा कमेंट्स का आरोप
मूलभूत सुविधाओं से लेकर कैम्पस में व्याप्त अनियमितताओं और खुद की बिल्डिंग बनाने के नाम पर चल रही लेटलतीफी से हलाकान आंदोलनकारी छात्र-छात्रओं का आरोप है कि अनशन समाप्त करने उन पर तरह-तरह से दबाव बनाया जा रहा है। छात्र-छात्रओं का आरोप है कि कुलपति सहित यहां के सुरक्षाकर्मी छात्रओं पर भद्दे कमेंट्स करते हैं और छात्रओं के पहनावे पर टिप्पणी की जाती है।
भूख हड़ताल में सेहत खराब होने पर अस्पताल पहुंची छात्रओं से पैसे मांगे
अनशनरत जिन छात्र-छात्रओं की हालत खराब हो गई है उनका इलाज जहां किया जा रहा है वहां अस्पताल वाले फीस की मांग कर रहे हैं। इधर कुलसचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार भवन में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिसके बाद नोटिस देकर सभी को बाहर किया जा रहा है। उधर यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि कुलपति के आदेश पर संकाय अध्यक्षों की बैठक में तय किया गया है कि विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय को बंद कर दिया गया है। अनिश्चितकालीन लिए गए इस निर्णय के दौरान छात्रवास और मैस चालू रहेंगे, लेकिन अकादमिक भवन में कोई भी छात्र-छात्र को प्रवेश करने नहीं मिलेगा। यदि अनशन जारी रखना है तो पुराने पुस्तकालय भवन में अपना विरोध प्रदर्शन छात्र-छात्रएं जारी रख सकते हैं।