होटल विजन महल में 27 महिला,18 पुरुष पार्षद नजरबंद, वरिष्ठजनों को नहीं पसंद
पार्षद पतियों से रखी दूरी, जिनके बच्चे छोटे उन महिलाओं को मां या सासू मां को साथ ले जाने मिली छूट
जबलपुर। नगर निगम अध्यक्ष चुनाव के लिए सदन में बहुमत के बावजूद भाजपा को अपने पार्षदों की ‘बाड़ाबंदी’ करना पड़ी। दरअसल, अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस से भाजपा में आए नेताजी सुभाष चंद बोस वार्ड के वरिष्ठ पार्षद महेश राजपूत के लिए की जा रही ‘लामबंदी’ के लिए यह कवायद करना पड़ी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि महेश का नाम आगे कर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने पार्षदों से व्यक्तिगत चर्चा व रायशुमारी की तो उनमें से कई ने असहमति जताई। महेश राजपूत को मोहरा बनाने वाले नेता को अध्यक्ष के चुनाव में क्रास वोटिंग का खतरा दिखा तो एक निर्दलीय सहित 45 पार्षदों को शपथ ग्रहण समारोह के तत्काल बाद योजनाबद्ध तरीके से एसी बस में बैठाकर होटल विजन महल पहुंचा दिया गया। दरअसल, 44 पार्षदों का संख्या बल और एक निर्दलीय का साथ मिलने के बाद अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत सुनिश्चित होने के बाद भी पार्षदों को गुप्त ठिकाने पर ले जाकर रखने की बात भाजपा के ही कई वरिष्ठ नेताओं को पसंद नहीं आई। भाजपा ने 27 महिला व 18 पुरुष पार्षदों को ‘अघोषित नजरबंद’ करने की रणनीति के पीछे कोई जोखिम न लेने की रणनीति बताई है।\
निगम मुख्यालय से ही एसी बस में बैठाकर ले जाया गया
पार्टी सूत्रों के मुताबिक अधिकांश पार्षदों को शपथ ग्रहण के बाद किसी होटल में जाने की भनक भी नहीं थी, जबकि एक वरिष्ठ नेता के खास पार्षदों को इसकी जानकारी थी। भाजपा पार्षदों को शपथ ग्रहण समारोह समाप्त होने के बाद योजनाबद्ध तरीके से बस में बैठाकर होटल विजन महल ले जाया गया। वहीं योजना क्रियान्वित होने तक पार्षदों को बैग-लगेज मंगाने कहा गया और जिनके बैग नहीं आ सके उन्हें होटल में बाद में पहुंचाकर दिए गए। छोटे बच्चों वाली महिला पार्षदों के साथ मां या सासू मां अध्यक्ष चुनाव में एकजुटता के नाम पर की गई पार्षदों की बाड़ाबंदी या नजरबंदी की योजना में अचानक होटल जाने की प्रक्रिया में कुछ महिला पार्षदों के समक्ष अकेले जाने की समस्या भी सामने आई। बताया जाता है कि जिन महिलाओं के बच्चे छोटे हैं उनके साथ मां या सासू मां को ले जाने की छूट दी गई और महिला पार्षदों के पति को साथ में जाने की मनाही कर दी गई। हालांकि रणनीतिकारों ने ये भी समझाइश दी कि शहर में ही होटल है, कहीं दूर नहीं जाना है। एक महिला पार्षद का बच्चा कुछ महीने का होने के बावजूद पार्टी का आदेश मानने की मजबूरी रही।
प्रमुख दावेदारों की अनदेखी से बनी क्रास वोटिंग की संभावना
नगर निगम सदन में भाजपा का बहुमत होने के बाद भी पार्टी में क्रास वोटिंग की संभावना के पीछे वरिष्ठ पार्षदों की अनदेखी कर अध्यक्ष पद के चुनाव की रणनीति बनाना वजह रही। पार्टी के अंदरखानों में चल रही चर्चा के अनुसार महेश राजपूत का नाम आगे आने के साथ ही विरोध के स्वर फूटे और 6-7 पार्षदों ने इस नाम पर असहमति जताते हुए संगठन के नेताओं से बात की। इससे ही क्रास वोटिंग होने का अनुमान लगाकर पार्षदों की बाड़ाबंदी की योजना बनाकर होटल विजन महल के कमरे बुक कर दिए गए। बताया जाता है कि सोमवार की रात वरिष्ठ नेता ने होटल में नवनिर्वाचित पार्षदों की बैठक ली और एक नाम पर सहमति बनाने के साथ ही अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। भाजपा के 44 पार्षदों के साथ ही एक निर्दलीय प्रत्याशी होटल में है, इसके बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद के चुनाव में कोई जोखिम लेना नहीं चाहती। जबकि भाजपा में वरिष्ठ पार्षद रिंकू विज, लवलीन आनंद सहित पहली बार निर्वाचित और एक मंत्री के कोटे से पार्षद टिकट लेकर चुनाव जीतने वाली सुशिक्षित महिला अर्चना सिसोदिया का नाम भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल है।
कांग्रेस ने अभी नहीं खोले पत्ते,नए पार्षद पर लग सकता है दांव
. मेयर चुनाव जीतने के बाद उत्साहित कांग्रेस में फिलहाल अध्यक्ष का चुनाव लड़ने प्रत्याशी के नाम पर विचार चल रहा है। शपथ विधि समारोह में साथ रहने वाले पार्षदों को संख्या बल में शामिल कर कांग्रेस के रणनीतिकार 34 के आगे के आंकड़े पर जोर लगा रहे हैं। कांग्रेस के 26, एआईएमआईएम के 2 पार्षद सहित 6 निर्दलीय चुनाव जीते पार्षद मिलाकर 34 बताए जा रहे हैं। इनमें कांग्रेस के बागी वकील अंसारी, ऋतु राजेश यादव एवं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर अध्यक्ष रहे शफीक हीरा भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पहली बार चुनाव जीते पार्षद को भी अध्यक्ष का चुनाव लड़वा सकती है। इसके लिए मेयर जगत बहादुर सिंह अन्नू के साथ कांग्रेस विधायकों व खास पदाधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।