आयुष्मान फर्जीवाड़ा: पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, कैसे हड़पे करोड़ों रुपए बताएगा अकाउंटेंट
जबलपुर। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद गिरफ्तार किए गए सेंट्रल इंडिया किडनी हॉस्पिटल के संचालक डॉ अश्विनी पाठक व उनकी पत्नी डॉ दुहिता पाठक को लेकर एसआईटी अस्पताल व वेगा होटल लेकर पहुंची, जहां महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की गई। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा द्वारा गठित एसआईटी ने फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपए का भुगतान अजिर्त करने के मामले में अकाउंटेंट कमलेश्वर पटैल को भी गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक फर्जीवाड़े के संबंध में अहम जानकारी जुटा रही पुलिस जल्द ही बड़ा खुलासा करेगी। कमलेश्वर पटेल से हुई पूछताछ में एसआईटी को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रतिवेतन एवं अन्य लोगों के बयान के आधार पर एसआईटी ने फर्जीवाड़ा की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
अब गिरफ्तार अकाउंटेंट को भी रिमांड पर लेगी पुलिस
सेंट्रल इंडिया किडनी हॉस्पिटल के बाजू से होटल वेगा में आयुष्मान कार्डधारी मरीजों को भर्ती कर फर्जीवाड़ा करने वाले ‘अस्पताल+होटल’ प्रबंधन के नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। चर्चा है कि पूर्ण रूप से स्वस्थ्य आयुष्मान कार्डधारी व्यक्ति को ही होटल में भर्ती किया जाता था। एसआईटी की भर्ती मरीजों को क्या ट्रीटमेंट दिया गया और कुल कितना भुगतान आयुष्मान योजना से अब तक दिया गया है, इसकी पूरी कुंडली खंगाल रही है। पाठक दंपती को अस्पताल लेकर पहुंची टीम दोनों का आज पुन: कोर्ट में पेश करेगी। इसी तरह अकाउंटेंट एवं मैनेजमेंट का कार्य देखने वाले कमलेश्वर पटेल को भी पुलिस कोर्ट में पेश कर रिमांड के लिए आवेदन प्रस्तुत करेगी।
एसआईटी में शामिल इंस्पेक्टर निरुपा पांडे को बड़ी जिम्मेदारी
एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने मामले की संपूर्ण जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एएसपी गोपाल खांडेल को एसआईटी का पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। प्रकरण की विवेचना खमरिया थाना प्रभारी निरूपा पांडे को सौंपी है। एसआईटी में सीएसपी गोहलपुर अखिलेश गौर, सीएसपी कोतवाली प्रभात शुक्ला, लार्डगंज टीआई मधुर पटेरिया, गोहलपुर टीआई विजय तिवारी एवं एसआई शैलेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। एसआईटी वेगा होटल से डिस्चार्ज हुए पुराने मरीज, संदेही और चिन्हित दलालों के मौखिक एवं लिखित बयान ले रही है। गोहलपुर क्षेत्र के रहने वाला सक्रिय दलाल और उसके एक साथी से पुलिस ने पूछताछ की है। दलालों ने पुलिस को बताया है कि वह अपने क्षेत्र के आयुष्मान कार्डधारी व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुंचाते थे।