मारुति मंडपम के समीप वारदात, परिजन बोले-गलत संगत में था सौरभ
जबलपुर। मदन महल-मेडिकल रोड पर स्थित मारूति मंडपम बारात घर के सुबह-सुबह युवक की रक्तरंजित लाश मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर गढ़ा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक कार्रवाई के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक युवक की पत्थर पटक कर हत्या की गई है और उसकी शिनाख्त स्थानीय लोगों ने सौरभ बाल्मीक के रूप में की। सौरभ पहले इसी मोहल्ले में रहता था फिर उसका परिवार रानीताल मुक्तिधाम रोड पर रहने लगा। सौरभ के परिजनों ने बताया कि वह गलत संगत में पड़ गया था, जिसके बाद पुलिस उसके नशेड़ी दोस्तों की तलाश कर रही है।
गढ़ा पुलिस व एफएसएल टीम पहुंची मौके पर
गढ़ा पुलिस ने बताया कि आगा चौक रानीताल मुक्तिधाम के समीप रहने वाले 22 वर्षीय सौरभ उर्फ मुंडा बाल्मीक की लाश मारूति मंडपम के पीछे स्थित बस्ती में मिली। मृतक के शरीर एवं चेहरे में चोट के निशान हैं, संभवत: अज्ञात हमलावरों ने पहले चाकू मारा फिर पत्थर पटककर युवक की हत्या की है। वारदात स्थल के आसपास लोगों से पूछताछ शुरू करते हुए पुलिस आसपास क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है। मौके पर चर्चा रही है कि सौरभ के साथ रहने वाले लड़कों ने ही किसी विवाद के चलते उसकी हत्या है। सौरभ के साथ रहने वाले लड़कों से पुलिस वारदात के संबंध में पूछताछ कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही गढ़ा थाना प्रभारी राकेश तिवारी सहित एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची।
अक्सर रात में घर से गायब रहता था युवक
सौरभ उर्फ मुंडा के मामा दीपक टिकेल ने बताया कि सौरभ कल दोपहर करीब 1 बजे घर से निकला था। सौरभ की मां आशाबाई ने घर से निकलते बेटे से पूछा कि कब वापस आओगे, तो उसने कहा कि शाम 6-7 बजे तक आउंगा। देर रात तक सौरभ घर नहीं वापस नहीं आया। सौरभ की मां ने घर पास रहने वाले अपने भाई एवं सौरभ के मामा दीपक को जानकारी दी। परिवार के लोग अधिक चिंतित नहीं थे, क्योकि सौरभ कई बार रात में घर नहीं लौटता था। सुबह वारदात स्थल से उन्हे सौरभ की मौत की खबर मिली। बाल्मीक परिवार पहले इसी मोहल्ले में रहता था, जहां उसकी लाश मिली है। मुन्ना लाल और आशा बाई बाल्मीक के चार पुत्र हैं, जिसमें क्रमश: सुरेंद्र, सौरभ, अनिकेत और सबसे छोटा 12 वर्षीय अंकित है। कुछ साल पहले मुन्ना लाल की बीमारी के चलते मौत हो गई, जिसके बाद पूरा परिवार रानीताल मुक्तिधाम के समीप रहने लगा। सौरभ की हत्या की खबर मिलने के बाद मोहल्ले में चर्चा है कि वह बहुत गांजा पीता था और हमेशा नशेड़ियों की संगत में रहता था।