लार्डगंज थाने में एफआईआर, आरोपी दम्पती की तलाश
जबलपुर। गुजराती कॉलोनी चेरीताल में रहने वाले दवा व्यापारी को सड़क निर्माण ठेकेदार और उसकी पत्नी ने लाखों रुपए का चूना लगा दिया। दोनों ने पहले तो व्यापारी का भरोसा जीता और फिर रकम मिलने के बाद बात करना तक बंद कर दिया। जिसके बाद मेडिकोज संचालक ने थाने पहुंचकर पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया।
पहले बनाए पारिवारिक रिश्ते फिर दिया झांसा
लार्डगंज पुलिस ने बताया कि कोतवाली थानाक्षेत्र के गुजराती कॉलोनी में रहने वाले 50 वर्षीय धर्मेद्र नागदेव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके घर के पास रहने वाले मनीष यादव और उसकी पत्नी प्रीति के साथ उनके व पूरे परिवार के बहुत अच्छे संबंध थे। अक्सर ही दोनों परिवार एक साथ घूमने भी आया-जाया करते थे। 13 मई 2016 को मनीष उसके घर आया और कहने लगा कि उसे काम के सिलसिले में 70 लाख रुपए की आवश्यकता है और काम पूरा होते ही वह रुपए लौटा देगा। अच्छी मित्रता होने के कारण मनीष के कहने पर धर्मेद्र नागदेव ने अलग-अलग दिनांक में रानीताल स्थित केनरा बैंक से 47 लाख रुपए मनीष और 23 लाख रुपए प्रीति के खाते में आरटीजीएस किए। मनीष ने उधारी चुकाने के लिए जो समय निर्धारित किया था वह समय निकल जाने के बाद भी धर्मेद्र ने संकोच में रुपए नहीं मांगे, लेकिन जब सालों बीत गए और धर्मेद्र ने रुपए मांगे तो दोनों पति-पत्नी टालामटौली करने लगे। जिनसे तंग आकर धर्मेद्र ने पूरी घटना से पुलिस को अवगत कराया।
बिल अटकने का दिया था हवाला, फिर छोड़ दिया मोहल्ला
बताया जा रहा है कि मनीष यादव प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण के ठेके लेता है। मनीष ने अपने काम को आधार बनाकर ही धर्मेद्र से रुपए मांगे थे, उसने कहा था कि सड़क निर्माण के बिल अटके हुए हैं और पेमेंट करनी है, इसलिए अभी काम चलवा दो फिर जैसे ही बिल क्लीयर होते हैं उधारी चुका दूंगा। जानकारी के मुताबिक मनीष पहले भी कई मर्तबा धर्मेद्र नागदेव से रुपए उधार लिए, लेकिन समय पर चुका भी दिए। इसी भरोसे में दवा व्यापारी ने उसे 70 लाख रुपए भी दे दिए। हालांकि रुपए मिलने के कुछ महीने बाद ही मनीष ने गुजराती कॉलोनी वाला घर छोड़ दिया और सपरिवार सिविल लाइन में रहने लगा। उस वक्त धर्मेद्र ने इसे एक सामान्य बात समझा, लेकिन बाद में उसे पता चला कि मनीष और प्रीति ने इसलिए मोहल्ला छोड़ा ताकि बार-बार उन्हें धर्मेद्र व उसके परिजनों का सामना न करना पड़े। लार्डगंज टीआई मधुर पटेरिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
