जबलपुर के कांग्रेस विधायकों की लगी क्लास, 2023 के चुनाव का दिया टारगेट
जबलपुर। मेयर जगत बहादुर सिंह अन्नू की एमआईसी गठन को लेकर दो विधायकों की नाराजी का मसला हल हो गया। मीडिया में आ रही खबरों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के बंगले पर चारों कांग्रेस विधायकों की क्लास लगी और पीसीसी चीफ ने सबकी बात सुनकर उनके गिले-शिकवे दूर करते हुए 2023 के विधानसभा चुनाव का टारगेट दिया। ऊपरी तौर पर बने सामंजस्य का ये दृश्य भी चर्चा में आ गया जिसमें अलग-अलग वाहनों से कमलनाथ के बंगले पहुंचे चारों विधायक एक ही कार में वहां से निकले।
विधायक बोले- एकजुट रहकर बनेंगे जनता की आवाज
दरअसल, मेयर अन्नू सिंह ने मेयर इन काउंसिल के गठन की हरी झंडी प्रदेश नेतृत्व से ली थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर जातिगत आरक्षण साधने जिन पार्षदों को एमआईसी में शामिल किया गया उनमें अपने समर्थक पार्षद को उपेक्षित रखने पर बरगी विधायक संजय यादव ने न केवल बगावत का झंडा उठा लिया था बल्कि उन्होने प्रदेश नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। विधायक विनय सक्सेना के सुर में सुर मिलाने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री द्वय लखन घनघोरिया व तरुण भनोत ने कमलनाथ से हस्तक्षेप का आग्रह किया था। प्रदेश अध्यक्ष ने चारों विधायकों को बुधवार की शाम बंगले तलब किया और चर्चा करने के बाद आपसी मतभेद खत्म करा दिए। सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ ने विधायकों से कहा है कि इस विवाद के उभरने से मेयर अन्नू सिंह को काम करने में दिक्कत होगी और इससे चारों शहरी विधानसभा सीटों पर इसका असर होगा। बैठक के बाद बाहर निकले चारों विधायक एक ही कार में कमलनाथ के बंगले से बाहर निकले। तरुण भनोत ने कहा कि हम सब युवक कांग्रेस व एनएसयूआई के साथी हैं और 2023 में भी कांग्रेस को जिताने एकजुट होकर जनता की आवाज बनेंगे। संजय यादव का कहना था कि वे कमलनाथ को पिता समान मानते हैं और पिताश्री से हर बात बोली जा सकती है। उन्होने गिले-शिकवे दूर होने का स्पष्ट संकेत भी दिया।

इसके परिणाम विधान सभा इलेक्शन में दिखेंगे
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