अब अधिकारी टाइपिंग एरर बता कर झाड़ रहे पल्ला
जबलपुर। राज्य की एक मात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी (एमयू) में बरहमेश होने वाले घपलों में एक और कारनामा जुड़ गया। बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटीएच) परीक्षा के नतीजे घोषित करने में ऐसी लापरवाही की गई कि एक ही रोल नंबर सौ से अधिक बार चल गया और नतीजा सामने आ गया। इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी टाइपिंग एरर बताकर गल्ती पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले पेपर लीक करने के मामले में मॉडरेटर पर कार्रवाई की जा चुकी है। अब जबकि एमयू में नए कुलपति की नियुक्ति हो गई है, घपले-घोटालों पर रोक लगाने की उम्मीद बंधी है।
एग्जाम के नतीजे में अधिकारियों के हैं हस्ताक्षर
बताया जाता है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी परीक्षा में एक रोल नंबर 2211896 को सौ से अधिक बार टाइप कर स्टूडेंट्सके लिए परिणाम जारी कर दिया गया। बीपीटीएच के इस परीक्षा परिणाम में बकायदा डिप्टी रजिस्ट्रार और एग्जाम कंट्रोलर के हस्ताक्षर भी हैं। परीक्षा के नतीजे सामने आने के बाद मची खलबली के बीच अधिकारियों के लिए यह जांच का विषय हो गया कि इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है। वहीं अधिकारियों ने गल्ती पर पर्दा डालने कह दिया है कि टाइपिंग एरर के कारण ऐसा हो गया, जल्द ही इसे सुधारा जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले संभाग कमिश्नर व प्रभारी कुलपति बी. चंद्रशेखर ने पेपर लीक मामले में मेडिकल यूनिविर्सटी की मॉडरेटर निधि श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई की थी। बीएएमएस के एनाटॉमी विषय का पेपर सुबह 11 बजे से 2 बजे दोपहर के बीच तक होना था, लेकिन इस पेपर को परीक्षा नियंत्रक डॉ सचिन कुचया ने डॉक्टर निधि श्रीवास्तव से सेट करवाया जबकि निधि श्रीवास्तव छुट्टी पर थीं। नियम विरुद्ध सेट कराया गया पेपर लीक हो गया था।
