2020 में हुआ था कत्ल, तत्कालीन टीआई रवींद्र गौतम ने की थी विवेचना
जबलपुर। संपत्ति के विवाद में पिता की हत्या करने वाले आरोपी को विशेष न्यायालय के न्यायाधीश उदय सिंह मरावी ने 10 साल के कठोर कारावास सहित 3 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। 16 नवंबर को दिनदहाड़े हुए हत्याकांड की जांच करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी रवींद्र गौतम ने वैज्ञानिक साक्ष्य, हत्या में प्रयुक्त हथियार की जब्ती, गवाही सहित जांच एवं तथ्यात्मक विवेचना की, जिसके तर्क अभियोजन पक्ष ने मजबूती से रखे और न्यायालय से कठोर सजा मिल सकी। हत्याकांड की मुख्य गवाह मृतक की बहू शिखा कोष्टा एवं आरोपी की भाभी थी। विशेष लोक अभियोजक जिला अभियोजन से संगीता सिंह परिहार ने मामले में पैरवी की। प्रभारी उपसंचालक अभियोजन एवं जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय कुमार जैन के सहयोग एवं निर्देशन में अभियोजन का अखंडित पक्ष बनाए रखने में सफलता अर्जित की। 4 जुलाई 2022 को आए निर्णय में धारा 302 भादावि के तहत आजीवन कारावास एवं 2000 रुपए का अर्थदंड से एवं धारा 307 में 10 वर्ष के कठिन कारावास एवं 1000 रुपए के अर्थ दण्ड से दंडित किया।
कैंची मार कर की थी हत्या
गोहलपुर थाना में दर्ज हत्या एवं हत्या के प्रयास के मामले में फरियादी शिखा कोष्टा ने पुलिस को बताया कि 15 नवम्बर 2020 को उसका देवर आरोपी मनीष कोष्टा उसके घर आया और संपत्ति के बंटवारे पर उसके ससुर अथाई लाल कोष्टा से विवाद कर अपने घर चला गया। 16 नवंबर 2020 की दोपहर 2:45 बजे देवर मनीष कोष्टा आया और गालियां देने लगा। मना करने पर पेंट की जेब से कैंची निकाल कर बोला आज तुम लोग को जिंदा नहीं छोड़ूंगा और फरियादी पर कैंची से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने ससुर अथाई लाल कोष्टा आए तो देवर मनीष ने कैंची से पेट पर हमला कर लहूलुहान कर दिया। हमला करने के बाद आरोपी मौके से भाग गया। ससुर को गंभीर हालत में अस्तपाल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई थी। गोहलपुर पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर सभी आवश्यक जांच एवं तथ्य के साथ आरोपी को न्यायालय में पेश किया था।
