ट्रिपल आईटीडीएम में कार्यशाला, सीएम सहित केंद्रीय मंत्री मंडाविया भी शामिल
जबलपुर। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कहा कि सरकार सिकिल सेल बीमारी को रोकने हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन समाज के हर वर्ग को इसकी रोकथाम के लिए भागीदारी करना चाहिए। विश्व सिकल सेल दिवस पर आज पंडित द्वारकाप्रसाद मिश्र इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नालॉजी डिजाइनिंग एवं मेन्युफैक्चरिंग में आयोजित कार्यशाला-सेमीनार में राज्यपाल मंगूभाई पटेल सहित केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित राज्य शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री शिवराज बोले- बीमारी से हम लड़ेंगे और जीतेंगे
कार्यशाला का शुभारंभ पौधारोपण के साथ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में काम करने के लिए बनाई गई योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। 25 साल का कोर्स तय करने प्रयास किया जा रहा है ताकि सरकार किसी की भी हो बीमारी से निजात मिलना चाहिए। राज्यपाल डॉ. मंगूभाई पटेल ने जनजातीय समाज आर्थिक रुप से कमजोर है इसलिए उनके घर तक विज्ञान को पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। इससे उनका आर्थिक-सामाजिक और स्वास्थ्य का क्षेत्र उन्नत होगा। इसलिए स्क्रीनिंग और टेस्टिंग का काम समय पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सिकिल सेल बीमारी से हम लड़ेंगे और जीतेंगे भी। बीमारी की पहचान करने स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। प्रभावित जिलों में घर-घर जा कर शासकीय अमले के माध्यम से पहचान कराई जाने योजना बनाई गई है। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन जिला और प्रदेश स्तर पर किया गया है। कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर भोपाल डॉ अर्चना मिश्र, डॉ अर्चना पुंढीर, डॉ हिमांशु जायसवाल, डॉ रूबी खान, डॉ. हिमानी यादव, सुनील मुकाती, संजय नेमा भी शामिल हुए।। इसके अलावा क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ संजय मिश्र, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रत्नेश कुररिया सहित संभाग एवं जिले के सभी अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बताया गया कि आईसीएमआर की जांच के माध्यम से गर्भ में ही सिकल सेल का पता चल सकता है। इस जानलेवा बीमारी की रोकथाम के लिए राज्यपाल की उपस्थिति में एनएचएम के साथ करार भी किया गया। सुबह से चल रहे सेमीनार में शामिल होने भोपाल से भी अधिकारियों के अलावा एक्सपर्ट्स आए हुए हैं।