पड़रिया व जुझारी में महिला-पुरुषों के सामंजस्य से बनी समरस पंचायत
जबलपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में जिले के कुंडम विकासखंड में आदिवासी पुरुष व महिलाओं के सामंजस्य से दो ग्राम पंचायत समरस पंचायत बनी। पिंक पंचायत का दर्जा हासिल करने वाली पड़रिया व जुझारी ग्राम पंचायत में सबने मिलकर पंच से लेकर सरपंच तक महिलाओं के कंधे पर विकास की जिम्मेदारी देते हुए निर्विरोध निर्वाचित किया। इन पंचायतों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह यहां आकर गांव-गांव के विकास का वादा निभाएंगे।
पुरुष पहले पीछे हटे, फिर समझाइश में महिलाओं को आगे किया
जबलपुर जिले की सीमा से लगी जनपद पंचायत कुण्डम के ग्राम पंचायत पड़रिया व जुझारी में हजारों लोगों ने बैठक कर महिलाओं को पंच से सरपंच तक निर्विरोध चुनने का निर्णय लिया। यहां गांव के कुछ पुरुष अपने घर की महिलाओं को चुनाव में सक्रिय करना नहीं चाह रहे थे जिन्हें समझाइश देकर तैयार किया गया। महिला-पुरुषों की सहमति से कुंडम की दोनों ग्राम पंचायतों के करीब 4 हजार लोगों की समस्याएं सुलझाने और विकास करने की जिम्मेदारी 29 महिलाओं को सौंपकर पंचायत चुनाव में अनूठा उदाहरण पेश किया गया। ग्राम पंचायत पड़रिया में 16 व जुझारी में 13 पंच व सरपंच पद के लिए महिलाएं निर्विरोध चुनी जाएगी। दोनों ही पंचायत में सरपंच के पद अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए आरिक्षत हैं। यहां गांव की राजनीति में वर्षो से सक्रिय धुव्रे और आर्मो परिवार की महिलाओं को ग्राम पंचायतों के विकास की जिम्मेदारी मिली।
