पड़ताल कर रही पुलिस को नहीं मिला सुराग, जयदीप पर दर्ज हैं तीन केस
जबलपुर। शेयर ब्रोकर जयदीप राठौर हत्याकांड की गुत्थी उलझी है और पड़ताल करने गई पुलिस के आगे मोहल्ले वालों ने चुप्पी साध रखी है। हत्या के बाद श्रीनाथ की तलैया क्षेत्र में सन्नाटा पसरा है। राठौर के आसपास रहने वाले और उसे जानने वाले पुलिस को कुछ बताने तैयार नहीं हैं। घर में घुसकर हत्या करने वाले दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देकर निकल गए और किसी ने देखा न हो ऐसा संभव नहीं है। जयदीप राठौर की हत्या किसने की और हत्या का क्या कारण है, दबी जुबान से इसकी चर्चा हो रही है, लेकिन हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को बतौर सुराग कोई कुछ बताने तैयार नहीं है। हालांकि पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में कुछ संदेहियों के नाम सामने आए हैं। हत्याकांड के खुलासे के लिए क्र ाइम ब्रांच और सायबर टीम को भी लगाया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है। फिलहाल पुलिस की सारी उम्मीदें जयदीप के गायब मोबाईल फोन और सीडीआर पर टिकी है।
मृतक पर दर्ज हैं रेप, हत्या के प्रयास के मामले
लार्डगंज टीआई प्रफुल्ल श्रीवास्तव के मुताबिक श्रीनाथ की तलैया के सामने गंजीपुरा निवासी 44 वर्षीय जयदीप राठौर शेयर ब्रोकर और गोल्ड एक्सचेंज में पैसे लगाने का काम करता था। उसकी मां ओमवती बाई शनिवार को प्रयागराज एक शादी समारोह में शामिल होने गई थी। जयदीप शादीशुदा था, लेकिन पत्नी वैशाली अपने 14 वर्षीय बेटा आराध्य के साथ पिछले 11 साल से मायके छिंदवाड़ा में रह रही है। बताया जाता है कि पति पत्नी में अच्छे संबंध नहीं थे। उसका बड़ा भाई अभयदीप परिवार सहित अधारताल में रहता है। घर में अकेला जयदीप ही था। जयदीप पर ओमती में धारा 376, माधव नगर में धारा 307 एवं मेडिकल से भागने के मामले में धारा 224 का प्रकरण गढ़ा थाना में दर्ज हैं।
दरवाजा खुला देखकर हुआ संदेह, अंदर थी लाश
सोमवार शाम 7 बजे के लगभग पड़ोसियों से पुलिस को हत्या की सूचना मिली। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को चचेरे भाई अजय विश्वकर्मा ने बताया कि शाम करीब 4.30 बजे के लगभग जयदीप के घर का दरवाजा खुला देख उसने आवाज दी। जवाब नहीं मिलने पर वह ऊपर देखने पहुंचा तो कूलर, एग्जास्ट फैन और टीवी चालू थी। फर्श पर जयदीप का रक्तरंजित शव पड़ा था। इसके बाद उसने थाने में सूचना दी। जयदीप के गले, सीने और पेट पर करीब 8 से 10 चाकू जैसे धारदार हथियार से वार करने के घाव थे। हत्या की खबर मिलते ही मौके पर एफएसएल टीम सहित एएसपी गोपाल खांडेल, सीएसपी कोतवाली दीपक मिश्र, टीआई लार्डगंज, टीआई ओमती एसपीएस बघेल, टीआई कोतवाली अनिल गुप्ता और मदनमहल थाने का बल पहुंच गया था, पुलिस ने पड़ताल करते हुए कई लोगों से पूछताछ की लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ ।