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गांजा पर सियासत, लक्ष्मण सिंह ने शिवबूटी से युवाओं की बर्बादी बताई तो भाजपा प्रवक्ता ने कहा शिवभक्ति का अपमान

वालीवुड में चर्चित ‘गांजा’ सोशल मीडिया पर नेताओं के ‘तर्क-वितर्क’ का मुद्दा बना 

भोपाल। नारकोटिक्स एक्ट में गांजा की तस्करी और उसकी पकड़ा-धकड़ी भले ही पुलिस और एनसीबी का विषय हो, लेकिन इसे धर्म से जोड़कर सियासी बतोलेबाजी भी होने लगी है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ हितेष वाजपेई के बीच गांजा को लेकर ‘ट्विटर वार’ चर्चा का विषय बन गया। लक्ष्मण सिंह ने गांजा को शिव बूटी बताकर युवाओं को नशे की लत लगाने की बात कही तो डॉ हितेष वाजपेई ने इसे शिवभक्ति का अपमान बताया। हालांकि जब डॉ वाजपेई ने ट्विटर पर तर्क दिए तो लक्ष्मण सिंह ने यह कहकर बात समाप्त की कि ‘आप बहुत ज्ञानी हैं  मैं आपका मुकाबला नहीं कर सकता’। लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट किया कि ‘‘गांजा को दुर्भाग्यवश धर्म से जोड़ा जा रहा है शिव बूटी का नाम देकर। यही कारण है इसका सेवन अत्यधिक बढ़ता जा रहा है, जिससे युवा बर्बाद हो रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार शिव जी ने अमृत मंथन में निकला विष पिया था, गांजा नहीं ’’। वहीं इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेई ने गांजे को धर्म से जोड़ने पर नशे की लत से युवाओं की बर्बादी के तर्कको गलत बताया है। वाजपेई ने लक्ष्मण सिंह के बयान को शिवभक्तों का अपमान बताया है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि ‘‘गांजे के पौधे में में दो रसायन पाए जाते हैं। वो हैं टेट्रहाइड्रोकेनाबिनॉल यानि टीएचसी और केनाबिडॉल यानी सीबीडी। गांजे में नशा टीएचसी के कारण होता है लेकिन केनाबिडॉल में नशे के कोई गुण नहीं हैं और इसके इस्तेमाल से किसी को नशे की लत नहीं लगती है ’’। भाजपा नेता के इस तर्क पर लक्ष्मण सिंह ने सरेंडर जैसा करते हुए कहा कि आप बहुत ज्ञानी हैं  मैं आपका मुकाबला नहीं कर सकता। सोशल मीडिया पर कांग्रेस-भाजपा नेताओं के इस ट्विटर वार की खासी चर्चा रही।

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