गोपालबाग तक तक ही बनाए पियर, न नेताओं की चली और न अफसरों की सुनी
जबलपुर। मदनमहल से दमोहनाका तक बनाए जा रहे फ्लाईओवर मामले में एक अच्छी खबर यह है कि विस्तारीकरण के लिए अटका काम अब जल्द शुरू हो जाएगा। केंद्र सरकार से मंजूरी के बाद भी अटके पड़े काम का दोबारा टेंडर कराने परमीशन तो मिल गई थी, लेकिन इसमें व्यवहारिक कठिनाईयों के चलते काम अटका पड़ा था। फिलहाल ताजा अनुमान यह लगाया जा रहा है कि महीने भर के भीतर 900 मीटर विस्तार के लिए 78 करोड़ की नई लागत वाला यह काम नए टेंडर के लिए लगने जा रहा है। निर्माण कर रही ठेका कंपनी एनसीसी ने विस्तार के काम में खासी नखरेबाजी की जिस पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का भी दबाव नहीं चल पाया।
दमोहनाका तक उतारने में झाड़ लिया पल्ला
मामला दरअसल विस्तारीकरण को परमीशन मिलने के बाद पहले से काम कर रही एनसीसी कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा नए काम में हाथ डालने से इंकार कर दिए जाने से जुड़ा है। उस समय ठेकेदार कम्पनी ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया था कि इसमें तय लागत से अधिक खर्च आ जाएगा। इस पर लोक निर्माण विभाग को नए सिरे से टेंडर बुलाने फिर केंद्र सरकार से परमीशन मांगना पड़ी थी जिसकी फाइल अटक जाने से विस्तारीकरण ही अटक गया था। दरअसल, पहले मदन महल से गोपालबाग तक ही फ्लाईओवर निर्माण का ठेका हुआ था। बाद में केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त लंबाई बढ़ाने की मंजूरी दी गई। अब इसमें लगभग 900 मीटर के अतिरिक्त हिस्सा निर्माण होगा जिसमें दमोहनाका चौक पर रोटरी के अलावा 200 मीटर आधारताल की ओर और 200 मीटर लंबाई दमोह रोड़ की तरफ फ्लाई ओवर की ओर बढाई जानी है। नया टेंडर नहीं होने के कारण गोपाल बाग तक ही पियर निर्माण हुआ है। आगे का काम नई निविदा तक के लिए रोका गया था।
भू-अजर्न की प्रक्रिया भी अटक गई थी
फ्लाई ओवर निर्माण से पहले दमोहनाका के आसपास करीब भू-अर्जन की प्रक्रि या होनी है। इसके लिए करीब 200 निर्माण हटाने पड़ेंगे। इस पर लगभग 40 करोड़ रु पये का मुआवजा तय किया गया है। इसके अलावा बिजली लाइन और अंडरग्राउंड पाइपलाइन व सीवेज लाइन को भी शिफ्ट करना पडेगा। शहर में बन रहे फ्लाईओवर का काम 2023 में मौजूदा कंपनी को पूरा करना है। कंपनी ने अभी तक 30 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। इसमें मदनमहल की रोटरी का काम चालू है।