अवैध कब्जे पर बुल्डोजर चलाकर एफआईआर दर्ज करने की मांग
जबलपुर। चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर में आवंटित प्लाटों के फर्जीवाड़े का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन से की गई शिकायत में सालों बाद ऐसा मामला सामने आया है जिसमें बताया गया कि मप्र लघु निगम को आवंटित प्लाटों पर अवैध कब्जा कर गोदाम बनाकर एक-एक करोड़ रुपए में बेच दिया गया। यह कारनामा करने वाले ट्रांसपोर्ट माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर शासकीय जमीन पर कब्जा करने का प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। गुड्स ट्रांसपोर्ट टेक्नीक एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र सिंह ठाकुर, पंकज व्यवहार, हर्षल त्रिवेदी ने बताया कि ट्रक स्टैंड एवं वेयर हाउस योजना के अंतर्गत खसरा नंबर 153 व 154 बंदोबस्त नंबर 660 पर नगर निगम द्वारा अभिन्यास किए गए बंधुआ गोदाम के नाम 59 प्लाट आवंटित हुए थे। जिसमें 39 सदस्यों की लिस्ट में 28 नंबर पर मप्र लघु उद्योग निगम को कार्यालय हेतु प्लाट नंबर 38,39,40,41 और 42 आवंटित हुए थे। जहां भू-माफिया ने पहले तो कब्जा कर अवैध कब्जा कर लिया और फिर उन्हें या करोड़ों रुपए में बेच दिया या फिर लाखों रुपए प्रतिमाह किराए से दे दिया। उन्होंने मांग की है कि कब्जेधारियों पर कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं और वे लगातार अन्य प्लाटों पर भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
आवंटित 64 प्लाटों की कराई जाए सूक्ष्म जांच
शिकायकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल बबलू के कारनामों सहित चंडालभाटा में आवंटित 64 प्लाटों की सूक्ष्य जांच कराई जाए। क्योंकि उक्त प्लाटों का नंबर के आधार पर आवंटन तो हुआ है, लेकिन स्थल पर निर्माण गलत तरीके से कर लिया गया है। इस फर्जीवाड़े में नगर निगम अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया कि वर्षो से चल रहे फर्जीवाड़े की जांच सक्षम अधिकारी से कराए जाने पर बड़ा घोटाला उजागर होगा।
