सलकनपुर माता के दरबार में एक साथ रहे अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा
भोपाल। मिशन-2023 के लिए कांग्रेस की तैयारियों में बड़े स्तर पर हलचल होने की खबरों के बीच बताया जा रहा है कि पीसीसी चीफ व पूर्व सीएम कमलनाथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पर छोड़ सकते हैं और ग्वालियर अंचल के तेज तर्रार नेता गोविंद सिंह को यह जिम्मेदारी मिल सकते हैं। पार्टी में एकजुटता का संदेश देने लम्बे समय बाद कमलनाथ, अरुण यादव और सज्जनसिंह वर्मा सिहोर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर में मातारानी के दरबार में एक साथ रहे। यहां उन्होने नवरात्र के अवसर पर पूजा अर्चना की। पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव इससे पहले बैठकों में भी नहीं पहुंचे थे।
सोमवार की बैठक में हो सकता है ऐलान
बताया जाता है कि सोमवार को कांग्रेस की अहम बैठक होना है जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित पूर्व मंत्रियों व प्रमुख पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इस बैठक में कमलनाथ नेता प्रतिपक्ष का पद छोडने की पेशकश कर सकते हैं। जिसके संकेत वे दो दिन पहले भी दे चुके हैं। इसी दौरान कांग्रेस की ओर से राज्यसभा में प्रतिनिधि भेजने पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि एक-दो दिन में ही केंद्रीय संगठन डॉ गोविंद सिंह को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर मुहर लगा देगा। डॉ. गोविंद सिंह वर्ष 1990 से भिंड जिले की लहार सीट से लगातार विधायक हैं। वे 6 बार इस सीट से लगातार जीते हैं। हालांकि पहला चुनाव वे जनता दल से 1990 में जीते थे, बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली थी। पार्टी की इस बैठक पर सबकी निगाह लगी है। पिछले दिनों सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद संगठन चुनावों की तैयारियां तेज की रही हैं। माना जा रहा है कि यहां कमलनाथ की भूमिका बढ़ाई जाएगी।