कुंडम के पिपरिया मुरझौर में अग्नि हादसा
जबलपुर। कुंडम के पिपरिया मुरझौर हार में किसानों के सिर पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब करीब आधा दर्जन किसानों की गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। यह घटना एक किसान द्वारा जबरन नरवाई जलाने के कारण हुई। जिससे अन्य किसानों को करीब 300 क्विंटल गेहूं जलकर खाक हुआ है। नरवाई जलाने वाले किसान के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक मुरझौर हार में बेड़ी उर्फ कमल सिंह बागरी ने करीब आधा एकड़ में गेहूं बोया था, जिसकी कटाई करने के बाद उसने अन्य किसानों के मना करने के बावजूद भी नरवाई में आग लगा दी। नरवाई की आग बगल वाले किसान महेंद्र कुमार पटेल के खेत से होते हुए दिनेश बागरी, धर्मेद्र बागरी, पन्ना लाल पटेल, प्रदीप पटेल, तेजी लाल पटेल के खेतों में भी फैल गई। जिससे करीब 15 एकड़ में लगी गेहूं की फसल सहित पाइप, तार सहित अन्य बारदाना जलकर नष्ट हो गया। किसानों के मुताबिक 15 एकड़ में लगभग 300 क्विंटल गेहूं निकलने की उम्मीद थी। फसल व अन्य बारदाना मिलाकर करीब 7 लाख रुपए के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
गांव में मारपीट की नौबत बनी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
नरवाई जलाने वाला किसान कमल सिंह बागरी को आसपास के अन्य किसानों को रोककर आग लगने की अशंका व्यक्त की थी, लेकिन उसने किसी की भी नहीं सुनी और नरवाई में आग लगा दी। जैसे ही दूसरों के खेत में आग लगी पहले तो फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया और फिर सभी ने मिलकर कमल सिंह को घेर लिया। मारपीट की नौबत बनती इससे पहले पुलिस ने बीच-बचाव कर विवाद बढ़ने से रोक लिया। हालांकि अभी भी किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
