भाजपा की सियासत में खलबली, दुकानों का विरोध करने वाले ज्यादातर चेहरे भाजपाई
भोपाल। मध्यप्रदेश में शराबबंदी के लिए लगातार मुखर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोमवार को लगातार 10 ट्वीट कर शिवराज सरकार की नई आबकारी नीति पर प्रहार किया है। वहीं राष्ट्रकवि माखनलाल चतुव्रेदी की जयंती पर बाबई पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका सीधे जवाब देते हुए कहा है कि प्रदेश में शराबबंदी नहीं होगी, बल्कि सरकार इसके बदले नशामुक्ति अभियान चलाएगी। उन्होने कहा कि पीने वाले तो पीने का जुगाड़ लगा ही लेते हैं, नशा नाश की जड़ है और हम सब मिलकर प्रयास करेंगे तो अपना गांव, शहर और प्रदेश नशामुक्त हो जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार व समाज को मिलकर सोचना पड़ेगा।
ट्वीट में उमा भारती ने कहा कि हर मुलाकात में शराबबंदी पर बात
पूर्व सीएम उमा भारती के लगातार 10 ट्वीट चर्चा में आ गए। उन्होने लिखा कि मप्र के मुख्यमंत्री आदरणीय मेरे बड़े भाई शिवराज सिंह चौहान जी से 1984 से 2022 तक सम्मान एवं स्नेह के संबंध बने रहे, शिवराज जी ऑफिस जाते समय या मेरे हिमालय प्रवास के समय या मेरे किसी भजन का स्मरण आने पर या तो मुझसे मिलते थे या फोन करते थे। फिर ट्वीट में कहा कि मैने शिवराज जी से 2 साल हर मुलाकात में शराबबंदी पर बात की है, अब हर बात बाहर सामने आ गई तो भाई ने अनबोला क्यों कर दिया है और मीडिया के माध्यम से बात क्यों करने लगे हैं। उमा भारती ने ट्वीट में कहा कि शिवराज जी ने परसों कहा है कि लोग शराब पीना बंद कर दें तो मैं शराब की दुकान बंद कर दूंगा। जब लोग शराब पिएंगे ही नहीं, दुकानें चलेंगी ही नहीं तो वह खुद ही बंद हो जाएंगी। अगले ट्वीट में उमा ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए तो पुलिस एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है, यह तो कानून व्यवस्था का सवाल है। अभी हमें शुरुआत यहां से करना चाहिए- अहातों में शराब परोसने की व्यवस्था हम तुरंत बंद करें। स्कूल अस्पताल, मंदिर एवं अन्य निषिद्ध स्थानों के पास शराब की दुकानें बंद हों। घर-घर शराब पहुंचाने की घिनौनी व्यवस्था तुरंत रुके। जहां महिलाएं या नागरिक विरोध करें वहां दुकानें न खोली जाएं, इन्ही ने तो हमारी सरकार बनाई है। पहले इतना कर लें, फिर जो वैध एवं उचित स्थान पर शराब की दुकानें हों,वहां फोटो के साथ होर्डिग लगें कि शराब पीने से क्या-क्या नुकसान होते हैं। उमा भारती के ये ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।
जबलपुर में शराब दुकानों के विरोध में भाजपाई चेहरे
शराबबंदी को लेकर उमा भारती के अभियान का खास इफेक्ट जबलपुर में है। बीते 4 दिनों में कई स्थानों पर शराब दुकान हटाने को लेकर महिलाएं सड़क पर उतरीं। केंट क्षेत्र की एक दुकान हटाने के आंदोलन में आए विधायक अशोक रोहाणी ने आश्वस्त किया कि यदि दुकान नहीं हटेगी तो वे भी धरना देंगे। वहीं हवाबाग कॉलेज के पास दुकान हटाने और गढ़ा थाने के समीप दुकान का विरोध करने वालों में ज्यादातर चेहरे भाजपा के दिखे।
