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गुमशुदा लड़की की लाश दफना दी, फिर पुलिस ने एसडीएम के आदेश पर उखड़वाई

ग्वारीघाट में मिली थी लाश,परिजन थानों के चक्कर काटते रहे 

जबलपुर। गौर सालीवाड़ा से 8 मार्च को लापता 20 वर्षीय पूजा की लाश पुलिस ने तहसीलदार के आदेश के बाद जमीन से बाहर निकाली। ग्वारीघाट पुलिस ने नर्मदा में उतराती मिली युवती की लाश का पोस्टमार्टम कराने के बाद बिना पड़ताल किए लावारिश मानकर दफना दी थी, जबकि उसके परिजन थानों के चक्कर लगा रहे थे। सोमवार को जब पूजा के पिता हल्केराम बर्मन ने ग्वारीघाट में फोटो दिखाकर बेटी की पतासाजी की तो एक नाविक ने बताया कि उसकी लाश 11 मार्च को मिली थी, जिसे पुलिस ने दफना दिया।

 घर से बिना बताए निकली थी युवती,गौर चौकी में गुमइंसान कायम

 मौके पर पहुंचे पूजा के रिश्तेदार ने बताया कि लड़की 8 मार्च को घर से बिना बताए निकली थी और उसने मां को मैसेज कर बताया कि वह आत्महत्या कर रही है। गौर पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उसके परिजन तलाश कर रहे थे। इसी बीच 11 मार्च को एक अज्ञात लाश ग्वारीघाट में मिली जिसका पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे एक दिन मेडिकल कॉलेज की मरचुरी में रखा गया था। इसके बाद पुलिस ने गुमइंसान की पड़ताल किए बिना उसे लावारिस मानकर चौहानी मुक्तिधाम में दफना दिया था। 13 मार्च को पूजा का पिता हक्लेराम बर्मन ग्वारीघाट पहुंचा। वहां बेटी की फोटो दिखाकर उसने उसके बारे में पूछा, तो एक नाविक ने उसकी लाश मिलने की सूचना दी, वह थाने पहुंचा। कपड़े और फोटो के आधार पर उसने बेटी की शिनाख्त की। इसके बाद उसने शव मांगा। दो दिन वह गौर चौकी और ग्वारीघाट थाने के चक्कर लगाता रहा। 15 मार्च को एसडीएम गोरखपुर के आदेश पर तहसीलदार सृष्टि की मौजूदगी में शव को कब्र से निकलवाया गया। ग्वारीघाट टीआई भूमेश्वरी चौहान ने बताया कि शव मिलने पर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई थी। 24 घंटे इंतजार के बाद दूसरे दिन पीएम कराया गया। वहीं गौर चौकी प्रभारी टेकचंद शर्मा का कहना है कि गुमशुदगी की सूचना कंट्रोल रूम में हुलिया के आधार पर दी गई थी। ग्वारीघाट पुलिस की ओर से जानकारी नहीं दी गई। अब यह सवाल उठ रहा है कि पूजा ने आत्महत्या किन कारणों से की।

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