एमपी में 18 लाख से ज्यादा बच्चों ने भरे हैं फार्म
जबलपुर। एमपी बोर्ड के 10वी-12वीं के एग्जाम के लिए फार्म भरने की अंतिम तिथि निकलते ही अब माध्यमिक शिक्षा मंडल परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दे रहा है, वहीं सबसे बड़ा सवाल ये कि यदि परीक्षा के दौरान किसी छात्र-छात्र को कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो इसके लिए क्या प्रबंध किए गए हैं? जानकारी के मुताबिक फिलहाल परीक्षा केंद्रों में इसकी कोई तैयारी नहीं है। हालांकि जबलपुर में कोरोना के नए केस घट गए हैं। रविवार को मिली रिपोर्ट के अनुसार 210 नए पॉजिटिव केस मिले और डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 418 रही। एक्टिव केस घटकर 2419 हो गए और एक मौत दर्ज की गई।
अलग से रूम का अभी तक इंतजाम नहीं
17 फरवरी से बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली है और इसके लिए एमपी में करीब 18 लाख परीक्षार्थी फार्म भर चुके हैं। एग्जाम कोरोना गाडड लाइन के अनुसार ही होंगे और परीक्षार्थियों को टाइम टेबल के अनुसार निर्धारित समय से डेढ़ घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा के दौरान किसी छात्र को कोरोना हो जाता है या परीक्षार्थी में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो एसी स्थिति में क्या होगा? बताया जाता है कि अभी तक जिलों को परीक्षा केंद्रों के लिए अलग से प्रबंध करने के निर्देश नहीं मिले हैं। हालांकि इस संबंध में माशिम के अधिकारी मंथन कर रहे हैं। बता दें कि राज्य सरकार द्वारा 14 जनवरी को स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए थे तब प्रदेश के कई शहरों में स्कूली बच्चों को संक्रमित पाए जाने की खबर थी। अब यदि एग्जाम के दौरान संक्रमण पाया जाता है तो प्रशासन व स्कूल शिक्षा विभाग को संक्रमित पाए जाने पर विद्यार्थी के लिए अलग रूम की व्यवस्था करना होगी। इस संबंध में निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है।