शहर का नाम रोशन करने में लता जी का भी योगदान
जबलपुर। देश में जबलपुर का नाम गुंजाने में सिर्फ फिल्म शोले का डॉयलाग ही नहीं, लता मंगेशकर द्वारा गया गया एक गीत भी शामिल है। फिल्म ‘जानेमन’ में हेमा मालिनी पर फिल्माया गया मशहूर गीत ‘इलाहाद में पैदा हुई मैं-जबलपूर में पली, अब बंबई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली’ में जबलपूर का नाम बड़े लरज के साथ लता दीदी ने गाया था। संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने इस गीत को संगीतबद्ध किया था। आज लताजी के निधन पर ये गीत बरबस ही लोगों की जुबान पर आ गया। स्वर सामाग्री के निधन से संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है।
श्याम टाकीज में लगी थी फिल्म-
फिल्म ‘जानेमन’ शहर की अपने जमाने की मशहूर श्याम टाकीज में लगी थी। तब लोग जबलपूर का नाम सुनने के लिए ही फिल्म देखने जाते थे। उस समय ये गीत बजता भी बहुत था। कालांतर में नए-नए गीत आने पर ये गीत पुराना हो गया, लेकिन आज लता जी के निधन के बाद इस गीत के बोल पुन: ताजा हो गए।
और ये भी एक संयोग-
जबलपुर के साथ एक संयोग ये भी है कि दो बड़ी जिन फिल्मों में जबलपूर का नाम आया, उन दोनों में हीरोइन हेमा मालिनी थी। जानेमन के अलावा सुपर हिट फिल्म शोले में भी जबलपुर का नाम एक संवाद में आया था। इस संवाद को फिल्म में ऐके हंगल हेमामालिनी से बोलते हुए जबलपुर का नाम लेते हैं।
कलाकारों में शोक की लहर-
लता दीदी के निधन की खबर जैसे ही प्रचार माध्यमों के हवाले से प्रसारित हुई, शहर के कलाकारों में शोक की लहर दौड़ गई। लताजी के गाने गा-गा के कई गायिकाएं प्रसिद्ध हुईं हैं। लताजी के गीत गाने का सपना हर कलाकार का होता है। शहर में दर्जनों आर्केस्ट्रा में कई कलाकार लताजी के गीत गाते हैं।