शिक्षक वर्ग-2 में चयनित महिला से आदेश के एवज में मांग रहा था 10 हजार
जबलपुर। संभागीय उपायुक्त जनजाति तथा अनूसूचित जाति विकास के सहायक ग्रेड-3 लिपिक को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। दरीखाना के बाजू के स्थित कार्यालय में लोकायुक्त की कार्रवाई से घंटों हड़कंप मचा रहा। लोकायुक्त टीम द्वारा ट्रेप हुए लिपिक के संबंध में कार्यालय के अन्य कर्मचारी भी तरह-तरह की चर्चा करते रहे। लोकायुक्त टीम ने करीब 1 घंटे मौके पर दस्तावेजी कार्रवाई की है। डीएसपी लोकायुक्त जेपी वर्मा ने बताया कि जनजाति तथा अनूसूचित जाति विकास कार्यायल में पदस्थ लिपिक मनीष परते को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। उन्होने बताया कि पवन झारिया निवासी टिकरिया नारायणपुर जिला मंडला की पत्नी आरती झारिया का शिक्षक वर्ग-2 में चयन हुआ था। आरती के चयन का आदेश पत्र देने की एवज में लिपिक मनीष परते हुए 10 हजार बतौर रिश्वत की डिमांड की थी। पवन झारिया ने लिपिक मनीष परते द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत एसपी लोकायुक्त संजय साहू से की थी। टीम ने करीब 12 बजे संभागीय उपायुक्त जनजाति तथा अनूसूचित जाति विकास के लिपिक मनीष परते को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। लोकायुक्त टीम ने लिपिक मनीष की सम्पत्ति की जांच शुरू कर दी है।
टीम से बोला लिपिक, मैने नहीं मांगी रिश्वत
डीएसपी जेपी वर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने लिपिक मनीष परते को पवन झारिया से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा तो मनीष कहने लगा कि मैंने किसी से रिश्वत नहीं मांगी, मुङो फंसाया जा रहा है। लोकायुक्त टीम ने पूछताछ करते हुए मौके पर दस्तावेजी कार्रवाई की।
इनका कहना है ............
जनजाति तथा अनूसूचित जाति विकास कार्यायल में पदस्थ लिपिक को फरियादी से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए टीम ने पकड़ा है। फिलहाल कार्रवाई जारी है।
संजय साहू, एसपी लोकायुक्त