बालाघाट, देशबन्धु। एनजीटी से मिले आदेश के बाद तालाबों में किए गए निर्माण को हटाने की प्रक्रिया चालू हो चुकी है, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तालाब के भीतर से अतिक्रमण हटाकर वहां रहने वाले लोगों को पट्टे आवंटित कर किसी अन्य जगह पर विस्थापित करने की योजना बना ली गई है। बात अगर बूढ़ी वार्ड नंबर 14 स्थित मेहरा तालाब की करें तो 13 जनवरी को 16 अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाने के बाद अब नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्यवाही किए जाने की योजना बनाई गई है। जिसके विरोध में वार्ड नं 14 निवासी मनोरमा नागेश्वर द्वारा नगर के बस स्टैण्ड में शासन द्वारा किए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैये के विरोध में अनशन किया जा रहा है। इस पूरे मामले में चर्चा किए जाने पर मनोरमा नागेश्वर ने बताया कि स्थानीय देवी तालाब से अतिक्रमण हटाने का भोपाल से आदेश हो चुका है तथा नगरपालिका को नोटिस भी दिया जा चुका है परंतु वहां पर कार्यवाही नहीं की जा रही है। अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट का आदेश आ चुका है कि जब तक फैसला नहीं होता तब तक मकान ना तोड़ा जाए परंतु यहां शासन प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बनाकर हम वार्ड नंबर 14 के लोगों को मानसिक रूप से बहुत ज्यादा परेशान कर दिया गया है कि हमें समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें।
हमारी मांग यह है कि सबसे पहले देवी तालाब के आसपास कार्यवाही की जाए तथा वार्ड नंबर 14 मेंं समता भवन है जो कि पूर्णता अवैध रूप से बनाया गया है उसे तोड़ा जाए उसके बाद हमारे घरों पर कार्यवाही की जाए जिससे हमें कोई परेशानी नहीं होगी।
इनका कहना है-
मनोरमा नागेश्वर ने बहुत अच्छा मुद्दा छेड़ा है और यदि एनजीटी का आदेश है तो देवी तालाब का अतिक्रमण हटाया जाए उसके बाद मेहरा तलाब का अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। मनोरमा नागेश्वर के साथ श्रमजीवी पत्रकार संघ हमेशा खड़ा है तथा जो भी उनकी क्रियाकलाप होगी श्रमजीवी पत्रकार संघ सदा उनके साथ रहेगा।
इन्द्रजीत भोज, जिलाध्यक्ष श्रमजीवी पत्रकार संघ बालाघाट
