कुदवारी में चला प्रशासन का डंडा, सरकारी जमीन पर किया था कब्जा
जबलपुर। नहर की जमीन से रास्ता बनाकर शासकीय भूमि पर प्लाटिंग एवं फसल लगाकर
करीब 5 एकड़ जमीन पर दबंगई से कब्जा करने वाले भू-माफिया से पुलिस-प्रशासन की टीम ने करीब 20 करोड़ रुपए कीमती जमीन को कब्जा मुक्त कराया। भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारियों गुरुवार की सुबह यह कार्रवाई की। इस दौरान एसडीएम नम: शिवाय अरजरिया, सीएसपी अखिलेश गौर, तहसीलदार राजेंद्र सिंह, थाना प्रभारी अरविंद चौबे, अधारताल टीआई शैलेष मिश्र सहित अन्य थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। सीएसपी अखिलेश गौर ने बताया कि कुदवारी क्षेत्र में हेमलता श्रीवास्तव, ममता रैकवार और मुईद्दीन नहर की जमीन पर रास्ता बनाकर शासकीय जमीन पर प्लाटिंग कर रहे थे। कुदवारी क्षेत्र में शासकीय जमीन पर हुए कब्जे की शिकायत पूर्व में स्थानीय लोगों द्वारा भी की गई थी। एसडीएम नम: शिवाय अरजरिया ने बताया, कि राजस्व रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कब्जाधारियों से जमीन को मुक्त कराया गया है। बताया जाता है कि कुदवारी क्षेत्र में करीब 5 साल से शासकीय जमीन पर कब्जा करने का खेल चल रहा था। हेमलता, ममता और मुईद्दीन ने करीब 5 एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा था। भू-माफिया द्वारा उक्त जमीन पर स्थाई और अस्थाई निर्माण किया गया था, जिसे जेसीबी की मदद से तोड़ा गया है। भू-माफिया के कब्जे से खाली कराई गई जमीन की कीमत 20 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
फसल लगाने किराए से दे दी जमीन-
भू-माफिया ने जमीन पर कब्जा करते हुए 2 से 3 एकड़ जमीन को किराए पर दे दिया था। जमीन पर गेहूं की फसल लगी हुई है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने फसल लगी हुई जमीन को भी खाली कराने का काम शुरू कर दिया है। कुछ प्लाट भी बेच दिए हैं माफिया ने- शासकीय जमीन को कब्जामुक्त कराने पहुंचे अधिकारियों को यह भी पता चला है, कि भू-माफिया ने कुछ लोगों को सर्वसुविधायुक्त कॉलोनी बनाने का झांसा देते हुए प्लाट देने का एग्रीमेंट भी किया है। जरूरतमंद लोगों से रकम लेकर फिलहाल मौखिक रूप से सौदा किया गया था। एक साल में कुदवारी में कॉलोनी बनाकर देने का वादा भू-माफिया ने किया है।