फर्जी कंपनी का संचालन करने वालों दिखाई करामात
जबलपुर। किराए के मकान में रहने वाले ठगों ने मकान मालिक को सवा साल में रकम दोगुना करने का प्रलोभन देकर 7 लाख का चूना लगा दिया। धोखाधड़ी के मामले में बताया गया कि कैपिटल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड इन्वेस्टमेंट कंपनी का संचालन करने वाले ठगबाजों ने यह करामात दिखाई। अवधि पूरी होने पर मकान मालिक ने जब किराएदार से संपर्क कर 28 लाख रुपए वापस करने की बात कही तो धोखाधड़ी करने वाले कमरे में ताला डालकर फरार हो गए। मोबाइल पर कई दिन तक संपर्क करने के बाद कोई रिस्पांस न मिलने पर पीड़ित मकान मालिक ने लार्डगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 420 का अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
चेक क्लीयर, ठग बोले इंतजार करो
टीआई प्रफुल्ल श्रीवास्तव ने बताया, कि राइट टाउन (नागल हाउस) के पास इन्वेस्टमेंट कंपनी चलाने वाले राकेश गुप्ता एवं राकेश सिंह हाथीताल गोरखपुर निवासी आशीष सिंह चौहान के घर में किराए से रहते थे। धोखाधड़ी करने वाले दोनों आरोपियों ने मकान मालिक आशीष को 400 दिन में रकम चार गुनी करने का प्रलोभन देते हुए 23 दिसम्बर 2019 को 7 लाख रुपए का चेक लिया। चेक बैंक से क्लीयर होने के बाद आरोपियों ने कहा कि 400 दिन पूरे होने पर आपको 28 लाख रुपए दे दिए जाएंगे। 400 दिन गुजर जाने के बाद आशीष सिंह रकम वापस लेने के लिए रोज राकेश गुप्ता और राकेश सिंह से संपर्क करते हुए तो वह अगली तारीख दे देते थे। मकान में किराए से रहने वाले दोनों आरोपी कुछ दिन पहले घर छोड़कर भाग गए।
प्लाट बेचने का अनुबंध कर हड़प लिए 7 लाख रुपए
संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में एक जालसाज ने 3 प्लाटों का सौदा करके एक युवक को 7 लाख रु पए का चूना लगा दिया। आरोपी ने रु पए लेने के बाद प्लाटों की रजिस्ट्री नहीं की, जिसके बाद पीड़ित ने पतासाजी की तो उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। संजीवनी नगर पुलिस ने धोखाधड़ी एवं अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। टीआई संजीवनी नगर शोभना मिश्र ने बताया, कि मारु ति मंडपम के पास निवासी 30 वर्षीय श्रेयांश चक्र वर्ती ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, कि एक जून 2018 की शाम करीब 4:15 बजे हरदौल मंदिर के पास बलराम पांडे ने उससे पुरवा में प्लॉट नंबर 26 , 27 एवं 28 का सौदा किया था। प्लॉट का सौदा 12 लाख रु पए में तय करके एग्रीमेंट किया गया था, इसके बाद श्रेयांश ने बलराम पांडे को अलग-अलग किस्तों में कुल 7 लाख रु पए दे दिए। रु पए देने के बाद श्रेयांश ने बलराम से प्लाटों की रजिस्ट्री करने की बात कही, जिसके बाद बलराम पांडे प्लाट की रजिस्ट्री श्रेयांश के नाम करने में आनाकानी करने लगा। श्रेयांश को शक हुआ तो उसने पतासाजी की जिसमें पता चला कि उक्त प्लाट किसी अन्य के नाम पर पहले से ही दर्ज हैं। पीड़ित श्रेयांश ने धोखाधड़ी एवं अमानत में खयानत किए जाने की शिकायत एसपी से की थी। शिकायत की जांच करते हुए संजीवनी नगर पुलिस ने आरोपी बलराम पांडे के खिलाफ धारा 420, 406 का प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।