जबलपुर पुलिस की बड़ी सफलता, बनारस से पकड़े दो सगे भाई
जबलपुर। गोराबाजार पुलिस चौकी के अन्तर्गत दिन दहाडे तिलहरी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र बैंक एटीएम में कैश लोड करने गये कैश वैन के गार्ड की हत्या, दो कर्मियों को गोली मारकर घायल कर 33 लाख रुपए से भरे कैश बाक्स लूट कर भागे दो सगे भाइयों को पुलिस ने बनारस से गिरफ्तार कर लिया। दोनों भाई यहां से बाइक पर बनारस तक पहुंच गए थे। जबलपुर पुलिस की इस सफलता में आईजी-एसपी से लेकर आरक्षक तक 6 सौ पुलिस कर्मियों का दिमाग और करीब 6 सौ सीसीटीवी कैमरों के फुटेज ने लुटेरों तक पहुंचा दिया। आरोपियों को 28 फरवरी तक की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गोहलपुर के सीसीटीवी ने दिया पहला सुराग
प्रेस कांफ्रेंस में एडीजीपी (आईजी) उमेश जोगा व एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने पड़ताल के हर बिंदु पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एक ही बार में धनवान होने की लालच में दोनों युवकों ने यह वारदात की। दिल्ली में एटीएम लूट कांड से प्रेरणा लेकर मनोज एवं सुनील पाल ने महीनों पहले योजना बनाई और जबलपुर में रिटायर जेल अधिकारी के घर में किराए से कमरा लेकर उसे अंजाम दिया। खास बात ये कि वारदात के बाद फरार हो गए युवकों का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। पारिवारिक शोक में शहर से बाहर गए एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने अवकाश रद्द कर वापस आते ही आईजी उमेश जोगा व अधिकारियों के साथ आरोपियों तक पहुंचने का फुल प्रूफ प्लान बनाया। इसमें करीब 6 सौ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों सहित सायबर सेल के एक्सपर्ट्स को हर पल की मॉनीटरिंग व आला अधिकारियों को अपडेट के लिए जुटाया गया था। पहला सुराग गोहलपुर थाने के पास लगे सीसीटीवी कैमरे से मिला और पुलिस ने उसी पर आगे बढ़ते हुए पड़ताल की और बनारस तक पहुंच गए।
जबलपुर में पढ़े, अच्छी तरह वाकिफ थे शहर से
पुलिस ने बताया कि आरोपी मनोज एवं सुनील को उनके चाचा श्यामलाल पाल ने गोद लिया था। दोनों की परवरिश श्यामलाल ने ही की। श्यामलाल जेसीओ की नौकरी करते थे। एक आरोपी ने शहर के सेंट अलॉयसिस कॉलेज से पढ़ाई की जबकि दूसरे ने शहर के ही आर्मी स्कूल से कक्षा बारहवीं की पढ़ाई की है। इसके बाद दोनों वाराणसी चले गए थे और काम की तलाश में गुजरात भी गए थे। वे पैसा कमाने की चाहत में फिर जबलपुर आए और लूट का प्लान बनाया। दोनों ने पुलिस की पकड़ में न आने के लिए स्टडी की और मोबाइल फोन का इस्तेमाल ने कर मकान मालिक को भी अपनी असली पहचान नहीं बताई थी। मनोज व सुनील पाल नवंबर 2021 में जबलपुर आए थे। शहर के कई इलाकों में स्थित एटीएम व बैंक की रैकी करने के बाद उन्हें तिलहरी स्थित बैंक एटीएम मुफीद लगा और उन्होने यहां आने वाली कैश वैन की टाइमिंग और उसके पहुंचने से कुछ मिनट पहले खुद पहुंचने की प्रेक्टिस की थी।
दिन-रात एक करने वाले अधिकारी व कर्मचारी
लुटेरों तक पहुंचने में दिन रात एक करने वालों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर/अपराध गोपाल खाण्डेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर/यातायात संजय कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल, नगर पुलिस अधीक्षक कैंट श्रीमति भावना मरावी, नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर अखिलेश गौर, नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर आलोक शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय/नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा तुषार सिंह, उप पुलिस अधीक्षक अ.जा.क. पंकज मिश्र, उप पुलिस अधीक्षक अपराध सुशील चौहान, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली दीपक मिश्र, नगर पुलिस अधीक्षक रांझी एम.पी. प्रजापति, नगर पुलिस अधीक्षक ओमती आर.डी. भारद्वाज, परिवीक्षाधीन भा.पु.से. शशांक, थाना प्रभारी कोतवाली अनिल गुप्ता, थाना प्रभारी लार्डगंज प्रफुल्ल श्रीवास्तव, थाना प्रभारी मदनमहल नीरज वर्मा, थाना प्रभारी ओमती एस.पी.एस. बघेल, थाना प्रभारी रांझी विजय सिंह परिहार, थाना प्रभारी खमरिया निरूपा पाण्डे, थाना प्रभारी गोहलपुर अरविंद चौबे, थाना प्रभारी अधारताल शैलेष मिश्र, थाना प्रभारी गोराबाजार सहदेव राम साहू, थाना प्रभारी ग्वारीघाट भूमेश्वरी चौहान, थाना प्रभारी भेड़ाघाट शफीक खान, थाना प्रभारी बरगी रीतेश पाण्डे, थाना प्रभारी विजय नगर सोमा मलिक तथा तत्कालीन थाना प्रभारी कैंट विजय तिवारी एवं उप निरीक्षक चंद्रकांत झा एवं महेन्द्र जायसवाल, थाना अधारताल उप निरीक्षक मयंक यादव थाना विजय नगर, सहायक उप निरीक्षक मोहन तिवारी थाना अधारताल, सायबर सेल के आरक्षक अमित पटेल आदित्य, क्र ाईम ब्रांच के सहायक उप निरीक्षक धनंजय सिंह, रामसनेही शर्मा, गोपाल विश्वकर्मा, प्रधान आरक्षक ओम नारायण, अजय यादव, नीरज तिवारी, मानस उपाध्याय, अमित श्रीवास्तव, आरक्षक अनूप सिंह, नवनीत चक्र वर्ती, मोहित उपाघ्याय पुलिस लाईन के सहायक उप निरीक्षक विजय शुक्ला के नाम शामिल हैं।