सायबर फ्रॉड पर तत्काल शिकायत तो जल्द मिल सकती है लुटी रकम
जबलपुर। पढ़े-लिखे, सरकारी नौकरी और आर्मी से रिटायर व्यक्ति के बैंक खातों से जालसाजी कर रकम निकालने के चार मामलों में स्टेट सायबर सेल ने त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को 9 लाख रुपए वापस दिलाए। इन मामलों में एक बात साफ नहीं हो सकी कि एसबीआई के टोल फ्री नंबर पर क्रेडिट कार्ड से हुए पेमेंट के बारे में जानकारी आने के बाद सायबर ठगों ने कैसे खाते से 2 लाख 82 हजार रुपए निकाल लिए। हालांकि सायबर पुलिस ने पीड़ित को एक लाख रुपए होल्ड कराकर रकम वापस दिला दी। एसपी सायबर सेल लोकेश सिन्हा का कहना है कि सायबर फ्रॉड की सूचना में वैसे ही त्वरित शिकायत जरूरी है, जैसे दुर्घटना के बाद तत्काल इलाज जरूरी होता है। इससे रकम वापस मिलने की उम्मीद रहती है।
लोग ठगों को आसानी से दे देते हैं जानकारी ......
सायबर फ्रॉड करने वालों को लोग आसानी से बैंक संबंधी जानकारी दे देते हैं। एसपी सायबर सेल लोकेश सिन्हा ने कहा कि जिन मामलों में पतासाजी कर रकम वापस दिलाई गई उनमें पढ़े-लिखे लोगों ने जानकारी आसानी दे दी। जालसाजों ने एटीएम का क्लोन बनाने, एनीडेस्क पर एप डाउनलोड कराकर फिर लिंक भेजकर और कस्मर केयर सर्विस का प्रोवाइडर बनकर ठगी की थी। मोबाइल पर मिली लिंक खोली और रकम गई ... एसपी सायबर सेल ने बताया कि अधारताल निवासी रिटायर शिक्षिका के खाते से एटीएम क्लोनिंग कर 3 लाख रु पए निकाल लिए गए। एटीएम बूथ के सीसीटीवी फुटेज से जानकारी लेकर पीड़ित ने सायबर सेल में शिकायत की। सायबर सेल ने पूरी रकम होल्ड करा दिया, जो अब पीड़िता के खाते में आ चुकी है। इसी तहर ग्वारीघाट निवासी रिटायर फौजी के मोबाइल फोन पर लोन दिलाने फर्जी लिंक भेजी गई थी। सैन्यकर्मी ने आसानी से उसे क्लिक किया और पेज खुलने पर आवेदक बनकर अपनी बैंक संबंधी जानकारी दर्ज करा दी। जालसाज ने उसके खाते से 9 लाख रुपए निकाल लिए। सायबर सेल ने शिकायत मिलते ही कार्रवाई की और 4 लाख रुपए होल्ड कराए, जो वापस आ चुके हैं। सिविल लाइंस निवासी रिटायर प्रोफेसर के मोबाइल पर सिम केवाइसी का मैसेज मिला। मैसेज में दो दिन में सिम बंद होने की बात लिखी थी। इसके साथ ही एक लिंक भेजी गई थी। उन्होंने लिंक ओपन की और गोपनीय जानकारी दर्ज की। इसके बाद उनके खाते से दो लाख रु पए निकल गए। शिकायत पर सायबर सेल ने दो लाख रु पए जालसाज के खाते में होल्ड कराते हुए वापस करा दिया।
इंटरनेट के टोल फ्री नंबर से मिला झांसा ...
सीधी निवासी सेवानिवृत्त आर्मी कर्मी के क्र ेडिटकार्ड से 5 हजार रु पए का पेमेंट किया गया। खाते से पैसा कटने और पेमेंट न होने पर उन्होंने एसबीआई के टोलफ्री नंबर 1800112211 पर कॉल कर समस्या बताई। उधर से कॉल कर एनीडेस्क एप डाउनलोड करा कर जालसाज ने 2 लाख 82 हजार रु पए निकाल लिए गए। सायबर सेल ने एक लाख रु पए होल्ड कराकर वापस करा दिए।