नौकरियों में आरक्षण पर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला
भोपाल । नौकरियों में आरक्षण को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सीधी भर्ती में ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू किया है, जबकि ईडब्ल्यूएस के लिए 10 फीसदी। ओबीसी वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण 8 मार्च 2019 से लागू रहेगा। जबकि ईडब्ल्यूएस के लिए 10 फीसदी आरक्षण 2 जुलाई 2019 से लागू माना जाएगा। इसके चालते प्रदेश में नौकरियों में आरक्षण 73 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में सभी विभागों से आरक्षण की इस नई गाइड लाइन का पालन करने का निर्देश दिया है। मध्यप्रदेश में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले प्रदेश स्तरीय और जिला स्तरीय पदों में सरकार ने 73} आरक्षण लागू कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में रोस्टर जारी किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की नई गाइडलाइन में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने का जिक्र है। वहीं ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। ओबीसी वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण 8 मार्च 2019 से लागू रहेगा। इसी के साथ साथ ईडब्ल्यूएस के लिए 10 फीसदी आरक्षण 2 जुलाई 2019 से लागू रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को सीधी भर्ती इसी आधार पर करने के निर्देश दिए हैं।
अब तक 14 फीसदी तक ओबीसी को आरक्षण, टालना पड़े थे पंचायत चुनाव
इससे पहले सीधी भर्ती में ओबीसी वर्ग को 14 फीसदी आरक्षण मिलता था। जबकि ईडब्ल्यूएस को कोई भी आरक्षण नहीं मिलता था। अब कुछ सीधी भर्ती पर आरक्षण 73 फीसदी हो गया है। मध्य प्रदेश में 2019 में सीधी भर्ती पर रोक लगा दी थी। अगस्त 2021 में शिवराज सरकार ने ये रोक हटा दी थी। इसके अनुसार निभाग अपने स्तर पर रिक्त पदों में से 5} पदों पर भर्ती कर सकते हैं। इससे ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए विभाग को वित्त विभाग की अनुमती लेनी होगी। ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण पर हुए विवाद के चलते मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव टालने पड़े थे। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। कोर्ट ने सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को फटकार लगाई थी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने ओबीसी के लिए रिजर्व सीटों को सामान्य कर दिया था। इसके बाद सरकार ने पंचायत चुनाव कराने वाला अध्यादेश वापस ले लिया था।