सजर्री करने वाले विशेषज्ञ बोले-कभी देखा नहीं ऐसा केस
जबलपुर। 16 साल की लडकी को छत से गिरने पर हार्ट अटैक, फिर हालत गंभीर, लेकिन उसे बड़ेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल के मेट्रो हार्ट सेंटर लाया गया। डॉक्टरों की टीम ने जांच में देखा कि दिल में तीन छेद हो गए हैं। करीब ढाई घंटे की सर्जरी के बाद छल्लेनुमा डिवाइस डालकर छेद बंद किया। सफल सजर्री के 6 दिन बाद उसे डिस्चार्ज किया गया। सर्जरी करने वाले डॉक्टर्स का कहना है कि उन्होंने अपने कॅरियर में देश में ऐसा केस न सुना है न ही देखा। यह बहुत ही जटिल ऑपरेशन था।
सीने के बल गिरने से धमनियां फट गई, धड़कन बंद
इस संबंध में डॉ केएल उमामहेश्वर,डॉ सुदीप चौधरी, डॉ सुनील जैन व हॉस्टिपल के डायरेक्टर राजीव बड़रिया ने पत्रकारों को बताया कि सतना जिले बंधइया टोला गांव की रहने वाली 16 साल की किशोरी 14 सितंबर को काम करते समय छत से सीने के बल नीचे गिर गई थी। परिजन उसे जिला अस्पताल कटनी लेकर पहुंचे थे। यहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हालत में सुधार नहीं होने पर बच्ची को मेट्रो हार्ट सेंटर लाया गया था। छाती के बल गिरने से धमनियां फट गई थी। लड़की की नाजुक हालत को देखकर डॉक्टरों ने रात में ही उसका ऑपरेशन किया। सर्जरी के दौरान किसी भी प्रकार से चीर-फाड़ नहीं की गई, जिससे ऑपरेट करने में दो से ढाई घंटे का समय लगा। इस दौरान लडकी को बेहोश भी नहीं किया गया था। सर्जरी के अगले दिन बच्ची चलने-फिरने लगी। उसकी अब सांस फूलने की समस्या खत्म हो गई है। यह ऑपरेशन पूरी तरह से नि:शुल्क किया गया।
अटैक के साथ दिल में छेद होना रेयर मामला
. सर्जरी करने वाले कार्डियोलॉजिस्ट डॉ केएल उमामहेश्वर ने कहा कि यह बहुत ही रेयर केस था। 13 साल के कॅरियर में उन्होंने अपने देश में इस प्रकार का केस नहीं देखा। छत से सीने के बल गिरने पर हॉर्ट अटैक आना तो सुना है, पर हॉर्ट अटैक के साथ दिल में तीन-तीन छेद होना, यह नहीं सुना। 16 साल की बच्ची के साथ इतने सारे एक साथ हादसे होना यह बहुत ही चौंकाने वाला है। उन्होने बताया कि एंजियोग्राफी मैथड से सफल सर्जरी की गई। ग्लोबल ग्रुप के चेयरमैन सौरभ बड़ेरिया ने चिकित्सकों को बधाई दी।
