धुंआधार गायब, लगातार बारिश से बने हालात
जबलपुर। बीते 4 दिनों में लगातार बारिश से जबलपुर सहित महाकोशल के अन्य जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया। बरगी डेम के 13 गेट से निकल रही जलधारा के कारण ग्वारीघाट डूब गया और प्रशासन ने नर्मदा के अन्य तटों पर अलर्ट जारी कर आमजनों को वहां जाने पर रोक लगा दी है। मंडला, सिवनी और बालाघाट में भी लगातार बारिश से नदी-नाले उफना गए हैं। ग्वारीघाट में प्रसिद्ध नाग मंदिर भी जलमग्न हो गया है और यहां दुकानें चलाने वाले सिमट गए हैं।
नजारा देखने वालों की भीड़ नियंत्रित करने पुलिस सक्रिय
. रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद मंगलवार का दिन बीते 4 दिनों से अलग रहा,क्योंकि मौसम खुला रहा। कहीं-कहीं छिटपुट बारिश की खबर है। वहीं बरगी डेम के 13 गेट खोले जाने से ग्वारीघाट में नाग मंदिर तक पानी पहुंच गया और नर्मदा नदी के बीच स्थापित ऐतिहासिक नर्मदा मंदिर डूब चुका है, इसके अलावा प्रसिद्ध भेड़ाघाट में धुंआधार भी गायब हो गया है। प्रशासन ने सभी नर्मदा तटों पर अलर्ट जारी कर दिया है। बताया जाता है कि बरगी डेम प्रबंधन जलाशय में जलराशि की आवक के मुताबिक गेट बंद करने का निर्णय लेगा, क्योंकि शासन ने सभी डेम से नर्मदा में एकसाथ पानी न छोड़ने की नीति बनाई है। बरगी डेम, तिलवारा, भेड़ाघाट सहित ग्वारीघाट में नजारा देखने वालों की भीड़ नियंत्रित करने पुलिस-प्रशासन ने मोर्चा संभाला है और लोगों को उफनाती नर्मदा के पास जाने पर रोक लगा दी है।
खुशनुमा मौसम में उमस से राहत, 31 इंच पहुंचा बारिश का आंकड़ा
. मंगलवार को बारिश थमने के साथ ही मौसम खुशनुमा रहा और भारी उमस से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का अगला स्पैल जल्द ही शुरू होगा। अभी तक रैनी सीजन में बारिश का आंकड़ा 31 इंच पहुंच चुका है और बीते 24 घंटों में करीब ढाई इंच वर्षा रिकार्ड की गई। बीते वर्ष कुल बारिश मात्र 25 इंच दर्ज की गई थी।

