पराजित प्रत्याशी व पदाधिकारी भिड़े, कोतवाली पहुंचा मामला
जबलपुर। नगर निगम चुनाव में पराजय की कड़वाहट अब भाजपा की बैठक में सामने आने लगी है। चुनाव बाद संभवत: पहला अवसर था जब पार्टी नेतृत्व से मिले निर्देश पर मंडल स्तर पर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को एक साथ बैठकर देश की आजादी के अमृत महोत्सव को भव्य बनाने और घर-घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को इसी निमित आयोजित दीनदयाल उपाध्याय मंडल की बैठक में झंडा पर तो तैयारी या चर्चा नहीं हो सकी, बल्कि चुनाव में पराजित पार्षद पद के प्रत्याशी व एक पदाधिकारी में डंडा जरूर निकल आया। बताया जाता है कि विवाद,मारपीट, हंगामा के बाद बैठक बिलुर गई और मामला कोतवाली थाने पहुंच गया।
चुनाव हरवाने का आरोप, गोली मारने की धमकी
घर-घर तिरंगा ध्वज लहराने को लेकर दीनदयाल मंडल की बैठक का मामला बदरंगा हो गया। कमानिया स्थित राधाकृष्ण मार्केट में आयोजित बैठक में 13 अगस्त से जो तिरंगे घर-घर लगने हैं, उसको बांटने को लेकर जीते-हारे पार्षद , बूथ संयोजक, वार्ड प्रमुख आदि को बुलाया गया था। बैठक में चुनाव हार चुके अजय पटैल पिंटू ने निवाड़गंज वार्ड के पुराने कार्यकर्ता कमलेश नामदेव पर भड़क गए। चुनाव हरवाने के आरोपों के बीच मामला धक्का-मुक्की के बाद गाली-गलौज और फिर मार पिटाई तक पहुंच गया। कहा गया कि पिंटू पटेल ने दीनदयाल मंडल के अध्यक्ष अभिषेक तिवारी के साथ भी बदसलूकी की। इसकी शिकायत जब कमलेश नामदेव द्वारा नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर से की गई। इसके बाद वे कोतवाली थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि पराजित प्रत्याशी ने उनके साथ मारपीट कर गोली मारने की धमकी दी। संगठन की बैठक में राष्ट्रीय अभियान पर चर्चा करने की बजाय मारपीट व हंगामा की घटना को वरिष्ठ नेताओं ने गंभीरता से लिया है। ये सब अटल अडवाणी युग के कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं आया। पार्टी विथ डिफरेंस कही जाने वाली पार्टी में इस तरह अनुशासन टूटेगा इसकी पुराने लोगों ने कल्पना भी नहीं की थी। पार्टी के शुभचिंतक ऐसी घटना पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
