प्रकरण की जांच में होगा और खुलासा, सांठगांठ में कौन-कौन शामिल
जबलपुर। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा और होटल के कमरों में मरीजों को भर्ती कर दलालों का रैकेट चलाने के आरोप में डॉ अश्विनी पाठक और उनकी पत्नी डॉ दुहिता पाठक के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आज उन दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड आवेदन प्रस्तुत करने की तैयारी में है। ताकि डॉक्टर दंपती से पूछताछ कर फर्जीवाड़े के संबंध में और अधिक जानकारी एकत्र की जा सके। बताया जा रहा है कि सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल के संचालक डॉ दंपती ने योजना से संबंधित जो भी गड़बड़ की है उसमें कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार भी शामिल हैं, पूछताछ में यदि ऐसे किसी अधिकारी का नाम उजागर होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सिस्टम को हिला देने वाली सांठगांठ में नपेंगे कई
गौरतलब है कि डॉ. अश्विनी पाठक ने बगैर अनुमति होटल को हॉस्पिटल का रूप दिया फिर अधिकतम पांच लाख तक मुफ्त उपचार वाली केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा कर दलालों के माध्यम से फर्जी मरीजों को भर्ती कर करीब 1 अरब रुपए का भुगतान ले लिया। स्वास्थ विभाग व पुलिस के छापे के दौरान होटल में करीब 35 से अधिक मरीज मिले थे। अस्पताल की तरह होटल में पलंग, ऑक्सीजन के पाइप और दिखावे की कई व्यवस्थाएं थीं। मरीज के रूप में जो लोग मिले वह सभी आयुष्मान योजना के कार्डधारी निकले थे, जिन्हें स्वस्थ होने के बाद गंभीर बीमार बताकर योजना का लाभ दिलाया गया। मरीजों से जब पूछताछ की गई तो पता चला कि किसी को सर्दी-जुकाम था, तो किसी को सिर दर्द या फिर अन्य सामान्य तरह की कोई समस्या। यह बात भी सामने आई है कि आयुष्मान योजना के समन्वयक रामभुवन साहू को कुछ लोगों द्वारा जांच करने को लेकर धमकी भी दी जा रही है। कलेक्टर के आदेश पर होटल वेगा को सील कर दिया गया है।
