डेंगू मलेरिया की रोकथाम में दवा का छिड़काव कर रही थी स्वास्थ्य विभाग की टीम
जबलपुर। मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव करने पहुंची नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मेडिकल कॉलेज हॉस्टल के छात्रों ने बेरहमी से पीटा। छात्र टीम पर दबाव डाल रहे थे कि पहले हॉस्टल में दवा का छिड़काव करो, जबकि टीम का कहना था कि अभी सड़क के उस पार काम हो रहा है, उसके बाद यहां दवा छिड़काव कर दिया जाएगा। इसके बाद गुस्साए छात्रों ने जेएमसी की टीम पर हमला कर दिया और कर्मचारियों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। 7 सदस्यीय दवा छिड़काव टीम में शामिल 2 कर्मियों के हाथ-पैर एवं सिर में गंभीर चोट पहुंची है। निगमकर्मियों पर जानलेवा हमला होने की सूचना पर स्वास्थ्य अधिकारी भूपेंद्र सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होने सीएसपी गढ़ा तुषार सिंह से मारपीट मामले की शिकायत मौखिक शिकायत की। पुलिस घायलों के बयान दर्ज कर एफआईआर दर्ज करेगी।
कर्मचारी बोले- मना नहीं किया बस थोड़ी देर बाद करने कहा था
स्वास्थ्य अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शहर में अचानक बढ़े डेंगू-मलेरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए 2 दिन पहले सीएमएचओ व जेएससी के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों ने बैठक थी। जेएमसी के स्वास्थ्य अमले को बताया गया कि मेडिकल क्षेत्र से अधिक संख्या में डेंगू-मलेरिया के मरीज आ रहे, इसलिए तत्काल उक्त क्षेत्र में दवा का छिड़काव किया जाए। शुक्रवार को टीम ने मेडिकल क्षेत्र में दवा का छिड़काव किया था। आज सुबह फिर मलेरिया उन्मूलन टीम मेडिकल क्षेत्र में सुबह दवा का छिड़काव करने पहुंची थी। टीम नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के पास हॉस्टल के बाहर अपने काम में जुटी थी, तभी एक युवक आया और कहने लगा कि हॉस्टल परिसर में भी दवा का छिड़काव कर दो। जेएससी कर्मी ने कहा कि अभी रोड के इस पार छिड़काव चल रहा है, कुछ देर बाद हॉस्टल परिसर में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर देंगे। जेएमसी कर्मी की बात सुनकर आग बबूला हुआ युवक कहने लगा पहले हॉस्टल परिसर में छिड़काव करो, इसी बात को लेकर तू-तू, मैं-मैं होने लगी।
चंद मिनट में बेसबॉल के डंडे और लाठी लेकर आ गए
युवक ने विवाद करते हुए हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों को आवाज लगाई। चंद मिनट में हॉस्टल से 25 से 30 छात्र आ गए और छिड़काव कर रही पूरी टीम को जमकर पीटा। लाठी एवं बेसबॉल के डंडों से हुए हमले के बाद जेएमसी टीम के सदस्य मौके पर छिड़काव सामग्री छोड़ जान बचाकर भागे। मारपीट में घायल हुए कुनाल ठाकुर, राकेश बेन, सौरभ, भीम, संदीप और रोहित केवट ने पुलिस सहित अपने स्वास्थ्य अधिकारी को बताया कि बिना किसी बात के मेडिकल छात्रों ने उन्हें जानवरों की तरह पीटा। दवा का छिड़काव करने के लिए किसी ने मना नहीं किया, सिर्फ कुछ देर बाद छिड़काव करने की बात कही, जिस पर हॉस्टल के छात्र भड़क गए और जानलेवा हमला कर दिया। गढ़ा सीएसपी तुषार सिंह का कहना है कि घायलों के बयान दर्ज करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।