जबलपुर संभाग की जबलपुर व छिंदवाड़ा नगर निगम में कांग्रेस और कटनी में जबरदस्त त्रिकोणीय टक्कर
जबलपुर। नगरीय निकाय चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग समाप्त होने के बाद वोटरों से मिले रुझानों में संभाग की तीन नगर निगम में से दो पर कांग्रेस और तीसरी पर त्रिकोणीय कांटे की टक्कर की तस्वीर सामने आ रही है। डेल्टा डिटेक्टिव सर्विस ( DDS )के जरिए कराए गए सर्वे के मुताबिक जबलपुर नगर निगम में कांग्रेस के मेयर पद के प्रत्याशी जगत बहादुर सिंह अन्नू के पक्ष में 54 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान है वहीं भाजपा प्रत्याशी डॉ जितेंद्र जामदार के पक्ष में 42 प्रतिशत वोट शेयर बताया गया है। मतदान के बाद सभी 79 वार्डो में वोटर से की गई बातचीत और सामान्यत: जनता के बीच नतीजों को लेकर लगाए जा रहे अनुमान के आधार पर माना जा रहा है कि जबलपुर में कांग्रेस प्रत्याशी के जीतने की संभावना ज्यादा है। ये सच है कि वोटर के मन की बात जानना किसी के वश की बात नहीं है, फिर भी चुनावी माहौल को टटोलते हुए आने वाले परिणामों की तरफ इशारा तो मिल ही जाता है। इस सर्वे में सबसे खास बात ये रही कि भाजपा का समर्पित वोटर खामोश रहा, बल्कि जो भाजपा समर्थक पार्टी के जीतने की बात कह रहे थे उनकी आवाज दबी जुबान जैसी रही। नतीजों के बारे में यहां कोई दावा नहीं किया जा रहा है, लेकिन भाजपा को झटका लगने की आहट साफ सुनाई दी। विधानसभा वार नगर निगम चुनाव की विस्तृत रिपोर्ट virajbharat.com में जल्द ही आपके सामने होगी, जिसमें दोनों पार्टियों के टिकट वितरण और उससे उपजे विरोध के समीकरण, प्रत्याशियों की जनता में स्वीकार्यता और खास मुद्दों पर जनता के अभिमत की चर्चा होगी।
छिंदवाड़ा में बागियों ने आसान की कांग्रेस की राह
संभाग की छिंदवाड़ा नगर निगम के चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के कारण चर्चा में रहे, वहीं यहां भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशी को लेकर मची खींचतान और बगावत ने कांग्रेस की राह आसान कर दी, ऐसा सर्वे की रिपोर्ट में बताया जा रहा है। भाजपा में जितेंद्र शाह की टिकट कटने और पार्षद प्रत्याशी चयन को लेकर मचे विवाद ने पार्टी के चुनाव अभियान को प्रभावित किया। कांग्रेस ने युवा चेहरे विक्रम अहाके पर दांव लगाया तो भाजपा ने टिकट के प्रबल दावेदार को नजर अंदाज कर नगर निगम में उपायुक्त रहे अनंत धुव्रे को मेयर पद का प्रत्याशी बनाकर दमदार प्रचार किया। छिंदवाड़ा नगर निगम में किन्नर अंजली उइके ने भी ताल ठोककर चुनाव को रोचक बनाया और आम आदमी पार्टी ने प्रहलाद कूसरे को प्रत्याशी बनाया। इन चारों प्रत्याशियों के बीच वोट शेयर का अनुमान भी चौकाने वाला बताया जा रहा है। वोटिंग के बाद मिले संकेतों में कांग्रेस के पक्ष में 46 प्रतिशत और भाजपा के पक्ष में 37 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान है। किन्नर अंजली उइके को 11 और आप प्रत्याशी प्रहलाद को 6 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है।
कटनी में भाजपा की बागी ने बनाया त्रिकोणीय मुकाबला
संभाग की कटनी नगर निगम का चुनाव प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के संसदीय क्षेत्र के कारण चर्चा में रहा। यहां सीएम शिवराज सिंह व वीडी शर्मा के कई दौरे हुए और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी प्रचार किया, लेकिन भाजपा की बगावत को नेता थाम नहीं सके। अंतिम चरण में हुए मतदान के बाद वोटरों को टटोलने पर नतीजों की जो आहट मिली वह चौंकाने वाली रही। यहां त्रिकोणीय मुकाबले में लोगों ने भाजपा की बागी प्रत्याशी प्रीति सूरी की जीत का दावा किया, वहीं भाजपा प्रत्याशी ज्योति दीक्षित के चुनाव अभियान को भी भारी समर्थन मिलने की उम्मीद जताई गई, लेकिन कटनी में 18 वार्ड ऐसे रहे जहां भाजपा के बागी पार्षद का चुनाव लड़ रहे थे, जिन्होने पार्टी की प्रत्याशी को बड़ा नुकसान पहुंचाया। इसे दृष्टिगत रखते हुए कांग्रेस की युवा प्रत्याशी श्रेहा खंडेलवाल की जीत का रास्ता आसान बताया गया। फिलहाल त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर में नतीजों के करीब पहुंचने का अनुमान लगाना कठिन माना गया।