लव मैरिज के बाद साले से भयभीत जीजा ने उतारा था मौत के घाट
जबलपुर। बरगी थाना क्षेत्र में करीब 2 साल पहले हुए अंधे कत्ल पर पड़ा रहस्य का पर्दा पुलिस ने ‘नेफिस साफ्टवेयर’ ( नेशनल ऑटोमेटिड फिंगर प्रिंट आईडेन्टीफिकेशन सिस्टम) से उठा दिया और हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रक्तरंजित लाश मिलने के बाद तफ्तीश में जुटी पुलिस ने मृतक की शिनाख्त कर हत्या करने वाले को गिरफ्तार कर लिया। इस कांड में एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एएसपी शिवेश सिंह बघेल, सीएसपी आईपीएस प्रिंयका शुक्ला के मार्गदर्शन एवं बरगी टीआई रीतेश पाण्डे के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।
एक-कड़ी जोड़कर पुलिस ने किया खुलासा
हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि 9 अक्टूबर 2020 को महेश्वर ढाबा के आगे अज्ञात व्यक्ति की रक्तरंजित लाश नहर किनारे मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए प्राथमिक जांच शुरू की, जिसमें मृतक की शिनाख्त भी नहीं हुई। पड़ताल में मृतक की शिनाख्त 30 वर्षीय देवेन्द्र कुमार मन्दे उर्फ लाला निवासी ग्राम धनवासी थाना कोतवाली जिला डिंडोरी के रूप में की गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों एवं गांव वालों से पूछताछ की तो पता चला कि देवेंद्र के जीजा बाल सिंह मरावी ने उसे जबलपुर बुलवाया था। बाल सिंह फिलहाल नागपुर में पत्नी के साथ रह रहा है। पुलिस की विशेष टीम नागपुर पहुंची और बाल सिंह मरावी को हिरासत में लेकर बरगी थाना लाया गया। पूछताछ में आरोपी बाल सिंह मरावी उर्फ राजा निवासी ग्राम सुदामापुर थाना किंदरई जिला सिवनी ने साले देवेंद्र कुमार मन्दे की हत्या करना कबूल किया। अंधे कत्ल के आरोपी को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी बरगी रीतेश पाण्डे, एसआई शशिकला उइके, रवि सिंह परिहार, अरविन्द सनोडिया, जयप्रकाश चौधरी, बसंत मेहरा, अनुज बघेल, इन्द्रकुमार विश्वकर्मा, अभिषेक कौरव, संजू जघेला, राहुल भारती, सायबर सेल के अमित पटैल, अभिषेक मिश्र, नवनीत एवं फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट निरीक्षक अखिलेश चौकसे, उप निरीक्षक रूबी चौहान की सराहनीय भूमिका रही।
शादी का झांसा देकर हत्या के डर से मार डाला
पूछताछ में आरोपी बाल सिंह ने पुलिस को बताया कि करीब 2 साल पहले उसने देवेंद्र उर्फ लाला की बहन सरस्वती से प्रेम विवाह कर लिया था। सरस्वती से लव मैरिज के बाद से ही देवेंद्र नाराज रहता था। देवेन्द्र का उसके गांव में काफी आंतक था, वह आये दिन अपने परिवारजनों एवं ग्रामवासियों के साथ मारपीट करता था। देवेंद्र के विरूद्ध थाना में कई प्रकरण भी दर्ज थे। आरोपी ने कहा कि साले देवेंद्र उर्फ लाला की हत्या नहीं करता तो वह मुङो मार डालता। बाल सिंह ने देवेन्द्र को काम दिलाने एवं दूसरी शादी कराने का झांसा देकर 8 अक्टूबर 2020 को जबलपुर बुलवाया था फिर शराब पिलाकर हत्या कर दी।