जबलपुर। अवैध होर्डिग्स-फ्लैक्स और जैन्ट्री गेट में बिना परमीशन लटक रहे विज्ञापनों के मामले पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक बार सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट ने ऐसे अवैध फ्लैक्स और जैन्ट्री गेट पर होर्डिग-विज्ञापन आदि लगाने पर कार्रवाई करने और एफआईआर करने कहा है। नगर-निगम जबलपुर को सख्त निर्देश देते हुए हाईकोर्ट में जस्टिस शील नागू और मनिन्दरसिंह भट्टी की डिवीजन बैंच ने कहा है कि ऐसे मामले की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर हटाने की कार्रवाई की जाए।
पुलिस में दर्ज कराओ एफआईआर, एसपी को दो जानकारी
आउटडोर एडवरटाईजर्स एसोसिएशन की याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि नगर-निगम द्वारा विभिन्न विज्ञापन एजेंसियों को आवंटित विज्ञापन फलक पर यदि कोई अनाधिकृत विज्ञापन चस्पा करता है तो एजेंसी को यह अधिकार है कि वो सम्बंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा दे। प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस थाने को निर्देशित किया गया है कि प्रकरण की विवेचना कर सेक्शन 173 के अंर्तगत उचित कार्रवाई करे। इसमें कोई चूक नहीं की जाए यदि फिर भी कार्रवाई नहीं हो पाती तो एजेंसी को यह अधिकार है कि वह पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में यह मामला लाए। कार्रवाई नहीं होने का मामला संज्ञान में आने पर पुलिस अधीक्षक सेक्शन 154(3) के अंतर्गत कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। इस मामले में राज्य शासन के सक्षम प्राधिकारी को भी निर्देशित किया गया है कि वह सूचना प्राप्त होने पर मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन रुल 2017 एवं मध्यप्रदेश म्युनिसिपल कार्पोरेशन एक्ट 1956 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे। ऐसे अवैध विज्ञापनों को अलग कराया जाए।
कलेक्टर देंगे मासिक रिपोर्ट
सक्षम प्राधिकारी और कलेक्टर जबलपुर इस विषय पर की गई कार्रवाई की मासिक रिपोर्ट हाईकोर्ट के संज्ञान में लाएंगे। हालांकि अभी तक लिखित में यह आदेश नगर-निगम जबलपुर तक नहीं पहुंच सका है। हाईकोर्ट के इस आदेश से सड़कों और जैंन्ट्री गेट पर लगे अवैध होर्डिग्स-फ्लैक्स आदि तत्काल हटाने के लिए नगर-निगम का अमला हरकत में आ गया है। इसके चलते जहां-जहां से शिकायत मिल रही हैं वहां तत्काल जांच कर अवैध विज्ञापन,होर्डिग्स-फ्लैक्स हटाने अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया है।
