संगठन का परिवारवाद से इंकार, कहा-जीतने वाले कार्यकर्ता को दी टिकट
जबलपुर। भाजपा में पार्षद पद के प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद मचे घमासान के बीच एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में उत्तर मध्य के महाराजा अग्रसेन वार्ड के घोषित प्रत्याशी समर्थ तिवारी की टिकट बदलकर कमलेश अग्रवाल को दे दी गई। प्रदेश भाजपा की अपील समिति के इस निर्णय की जानकारी जब आई तब समर्थ तिवारी नामांकन फार्म ले चुके थे। सूत्रों के मुताबिक परिवारवाद की बैक डोर एंट्री से मचे बवाल के बाद पूर्व व उत्तर मध्य विधानसभा की एक-एक टिकट अंतिम समय में बदली जा सकती है।
मेयर न सही, ननि अध्यक्ष पद के दावेदार हैं कमलेश
दरअसल, पार्षद प्रत्याशी चयन की लंबी कवायद के बाद भी सूची जारी होने में विलंब होने से शुक्रवार की दोपहर तक असमंजस बना रहा। जबकि बिना हस्ताक्षर वाली सूची सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी की संभागीय चयन समिति के संयोजक ओमप्रकाश धुव्रे के हस्ताक्षर वाली सूची जारी कर दी गई जिसमें वायरल सूची में शामिल 71 वार्डो के प्रत्याशी वही थे सिर्फ कुछ नामों में परिवर्तन हुआ। इसके बाद जारी सूची को लेकर पार्टी के अंदरखानों में खलबली मच गई। इसकी वजह नेता-पदाधिकारियों की पत्नी, बहू ,भाई व अन्य रिश्तेदारों को टिकट देना रही। इसी बीच सूची में मेयर पद के दावेदार रहे वरिष्ठ पार्षद कमलेश अग्रवाल कल्लू का नाम न होने पर आश्चर्य व्यक्त किया गया। मामला तत्काल अपील समिति में गया और समिति के भगवान दास सबनानी, बंशीलाल गुजर्र व विनोद गोंटिया के हस्ताक्षर से देर शाम संशोधन आदेश जारी किया गया जिसमें महाराजा अग्रसेन वार्ड से घोषित प्रत्याशी समर्थ तिवारी की जगह कमलेश अग्रवाल का नाम तय किया गया। चर्चा है कि कमलेश को मेयर पद के लिए न सही, पर अनुभव के आधार पर नगर निगम अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा है। भाजपा के कार्यालय मंत्री व नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष राजेश मिश्र ने कहा कि पार्टी ने प्रत्याशियों का चयन सोच-समझकर लिया है और मेयर सहित पार्षद पदों पर भाजपा भारी जीत दर्ज करेगी। मेयर प्रत्याशी डॉ जितेंद्र जामदार शनिवार को नामांकन दाखिल करेंगे।
