प्रत्याशियों तक अपनी बात पहुंचाने कर रहे बहिष्कार
जबलपुर। नगर निगम के 79 वार्डो में पार्षद पद के प्रत्याशियों के साथ भाजपा और कांग्रेस के मेयर पद के प्रत्याशी प्रचार अभियान में प्रखर हैं तो वोटर भी मुखर होने लगा है। दरअसल, चारों शहरी विधानसभा में जनसमस्याओं से त्रस्त मतदाताओं के सामने जा रहे प्रत्याशी भले ही ढोल-नगाड़े के साथ हाथ जोड़े आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन जहां व्यक्तिगत संपर्क में उनका ठहराव होता है तो लोगों की समस्याओं से उनका सामना होता है। इसकी बानगी उत्तर मध्य के स्वामी विवेकानंद वार्ड में देखने मिली जहां वोटरों ने सड़क,नाली और जलप्लावन की समस्या से तंग आकर घर के सामने फ्लैक्स लगा दिया है जिसमें लिखा है कि ‘रोड और नाली नहीं तो वोट नहीं’। उत्तर मध्य का ये वार्ड, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में लोगों ने भाजपा को अच्छे खाते मतों से जिताया था, वहां भाजपा के विधायक ने पराजित होने के बाद कभी झांककर नहीं देखा और जीते विधायक ने क्षेत्र के जलप्लावन की समस्या से निजात नहीं दिलाई। दरअसल इस वार्ड में भाजपा को 4135 वोट मिले थे और कांग्रेस को 2549 वोट से संतोष करना पड़ा था। बारिश के मौसम में लोगों को गंदगी और कीचड़ की परेशानी से जूझना पड़ता है और वे नगर निगम चुनाव में अपनी बात प्रत्याशियों तक पहुंचाने सुविधा नहीं तो वोट नहीं और रोड-नाली नहीं तो वोट नहीं जैसे स्लोगन लिखकर विरोध जता रहे हैं।