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कलेक्ट्रेट खुलने से पहले नामांकन दाखिल करने पहुंच गए पार्षद पद के प्रत्याशी

शक्ति प्रदर्शन: कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशियों ने दिखाया जीत का दम जबलपुर। नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख कांग्रेस-भाजपा के जबरदस्त शक्तिप्रदर्शन के नाम रही। भाजपा के मेयर प्रत्याशी डॉ जितेंद्र जामदार के ताम-झाम को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के जबलपुर पहुंचने का इंतजार करना पड़ा, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी जगत बहादुर सिंह अन्नू ने सांसद विवेक तन्खा के साथ कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह के साथ नामांकन रैली निकाली। उधर, पार्षद पद के प्रत्याशियों की सूची विलंब से आने के कारण नामांकन दाखिल करने सुबह से प्रत्याशी पहुंच गए। यहां तक कि निर्वाचान कार्यालय में सिर्फ चौकीदार और सफाई कर्मी ही मौजूद रहे जिन्होने साहब के आने तक इंतजार करने की सलाह दी। नामांकन रैली से मेयर पद के दोनों प्रत्याशियों ने जीत का दम भरा। अवसर भाजपा के डॉ जितेन्द्र जामदार और कांग्रेस के जगत बहादुर सिंह अन्नू की नामांकन रैली का था। डॉ जामदार के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनावी शंखनाद किया तो अन्नू के साथ राष्ट्रीय राजनीति में चमक रखने वाले सांसद विवेक तन्खा का साथ था। लंबी और उत्साह से भरी नामांकन रैली से दोनों दलों ने अपना-अपना झंका-मंका दिखाया। पार्षद पद के ज्यादातर प्रत्याशियों ने नामांकन रैली से ज्यादा खुद के नामांकन पत्र दाखिल करने में समय दिया। विजय का संकल्प लेकर निकले जगतबहादुर सिंह अन्नू ............. कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी जगत बहादुर सिंह अन्नू की नामांकन रैली में भी जबरदस्त ताकत दिखाई। उत्साह से भरे अन्नू विजय का संकल्प लेकर रैली में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं की भीड़ ने रैली को रैला के रूप में परिवर्तित कर दिया। नौदरा ब्रिज स्थित राजीव गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद का नामांकन जुलूस प्रारंभ हुआ। अन्नू के साथ सांसद विवेक तन्खा, प्रभारी सीपी मित्तल, विधायक लखन घनघोरिया, तरुण भनोत, विनय सक्सेना, संजय यादव, पूर्व नगर अध्यक्ष दिनेश यादव सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सिविक सेंटर से रैली, भाजपा में दिखा उत्साह .......... भाजपा की नामांकन रैली दोपहर को निकाली जानी थी, लेकिन कार्यकर्ता पूर्वान्ह 11 बजे से ही सिविक सेंटर पहुंचने शुरू हो गए थे। नामांकन रैली के माध्यम से भाजपा ने जबरदस्त शक्ति दिखाई। जुलूस की स्थिति देख ऐसा लग रहा था, मानो ये विजय जुलूस हो। सिविक सेंटर से कलेक्ट्रेट की दूरी बमुश्किल सवा किलोमीटर है। तकनीकी काम पार्टी ने पहले ही कर लिया था और ये रैली चूंकि शक्तियात्मक थी, इस कारण इसमें पूरी ताकत झौंकी गई।
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