संदिग्ध लगने पर पुलिस को दी सूचना, गरीब नवाज कमेटी ने किया संस्कार
जबलपुर। सूर्योदय के साथ ग्वारीघाट मुक्तिधाम में दो युवतियां कार की पिछली सीट पर भाई की लाश लेकर पहुंची और समाजसेवी संस्था गरीब नवाज कमेटी के इनायत अली से आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देकर अंतिम संस्कार में मदद का आग्रह किया। कार में लाश लेकर आना, लाश के साथ सिर्फ 2 लड़कियों के होने से उपजे संदेह पर शमशान घाट में मौजूद लोगों ने ग्वारीघाट पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कार की पिछली सीट में लाश को इस तरह बैठाकर गया कि जैसे कि बीमार हो। पुलिस ने लड़कियों से पूछताछ एवं पड़ताल करने बाद अंतिम संस्कार कराया।
घर में सिर्फ 3 सदस्य, कॉलोनी में किसी ने नहीं की मदद
भाई असीम दीवान की लाश लेकर ग्वारीघाट पहुंची एकता दीवान और उसकी बहन नम्रता ने पुलिस को बताया कि लंबी बीमारी के कारण उनके बड़े भाई की सोमवार रात करीब 10:45 बजे घर में मौत गई थी। घर परिवार में दो बहनों के अतिरिक्त कोई नहीं है। कॉलोनी या आसपास के क्षेत्र में कोई भाई की लाश को कंधा देने तैयार नहीं था, इसलिए मजबूरी में भाई की लाश कार से लेकर आना पड़ा। दोनों बहनों ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके घर किसी का आना जाना भी नहीं है। घर में हम 2 बहनों के साथ भाई असीम रहता था। कुछ साल पहले मां और बड़ी बहन श्वेता की मृत्यु हो चुकी है। पिता आरएस दीवान की मौत कई साल पहले हो चुकी थी। विजयनगर में रहने वाली एकता और नम्रता सारी रात भाई की लाश के साथ बैठी रहीं। किसी से मदद की कोई उम्मीद न मिलने पर एकता और नम्रता लाल रंग की अपनी आल्टो कार क्रमांक एमपी 20 सीए 7863 से भाई की लाश लेकर अंतिम संस्कार करने ग्वारीघाट पहुंची थीं।