नगरीय प्रशासन विभाग से आया आदेश, कमिश्नर ने तत्काल किया रिलीव
जबलपुर। नगर निगम में उपायुक्त अंजू सिंह का अचानक तबादला आदेश आने से खलबली मच गई और जेएमसी कमिश्नर आशीष वशिष्ठ ने उन्हें आनन-फानन रिलीव भी कर दिया। बताया जाता है कि भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के नेता ने अंजू सिंह के खिलाफ शिकायत भेजी थी इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उप सचिव हर्षल पंचोली की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नगरीय निकाय चुनाव को ध्यान में रखते हुए ननि जबलपुर की उपायुक्त अंजू सिंह को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल में संलग्न किया जाता है। कमिश्नर ने उपायुक्त का कार्यभार सहायक आयुक्त अंकिता जैन को सौंप दिया है।
लंबे समय से नगर निगम में पदस्थ थीं उपायुक्त
नगर निगम उपायुक्त अंजु सिंह के अचानक भोपाल तबादले को लेकर बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से यहां पदस्थ थीं। वहीं यह भी बताया गया कि भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के नेता शशिकांत सोनी ने प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन को शिकायत भेजकर उपायुक्त अंजू सिंह के खिलाफ कई आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया कि उपायुक्त अंजू सिंह जबलपुर नगर निगम में पिछले 13 वर्षों से पदस्थ हैं। जबकि नियमानुसार तीन वर्ष में तबादला किए जाना चाहिए। इसके अलावा उपायुक्त पर स्व सहायता समूहों को लाभ पहुंचाने, योजनाओं में गफलत करने के भी आरोप लगाए गए थे। इस मामले में उपायुक्त अंजु सिंह का कहना था कि उन पद दबाव डालकर गलत तरीके से काम करने कहा जाता है और जहां तक स्व सहायता समूह को लाभ पहुंचाने की बात है तो सारा काम नियमानुसार ही किया जाता है। अचानक आए तबादला आदेश और तत्काल रिलीव करने को लेकर निगम के गलियारों में खासी चर्चा रही।
