ईओडब्ल्यू ने बंगले में रंगे हाथ किया गिरफ्तार
जबलपुर। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर जिस फर्म के डायरेक्टर को भविष्य निधि के रीजनल कमिश्नर सतीश कुमार ने श्रेष्ठ नियोक्ता श्रमिक कल्याण का सम्मान दिया, वहीं अधिकारी 15 दिन बाद फर्म पर कार्रवाई करने का दबाव बनाकर 10 लाख रुपए रिश्वत की मांग कर बैठा। बीआर कंपनी के डायरेक्टर अनिरुद्ध पिंपलापुरे ने मामले की शिकायत ईओडब्ल्यू में की तो रीजनल कमिश्नर सतीश कुमार को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया गया। यूपीएससी 2014 बैच के अधिकारी भविष्य निधि आयुक्त सतीश कुमार ट्रैप कार्रवाई के वक्त ईओडब्ल्यू अफसरों के सवाल का जवाब देने से बचते रहे।
सिविल लाइन्स स्थित बंगले में बुलाया 5 लाख लेकर
ईओडब्ल्यू के जबलपुर-सागर एसपी देवेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि बीड़ी फर्म बीआर एंड कंपनी का कुछ दिन पहले कर्मचारी भविष्य निधि द्वारा सर्वे कराया गया था, इसके बाद से रीजनल कमिश्नर सतीश कुमार फर्म संचालक अनिरु द्ध पिंपालपुरे से फर्म पर कार्रवाई न करने के एवज में 10 लाख रु पए रिश्वत की मांग कर रहा था। ईओडब्ल्यू की सागर शाखा में शिकायत मिलने के बाद निरीक्षक उमा आर्य से शिकायत का सत्यापन कराया गया। शिकायतकर्ता अनिरु द्ध पिंपलापुरे और आरोपी सतीश कुमार के बीच 10 लाख रु पए की रिश्वत की मांग को लेकर बातचीत रिकॉर्ड की गई, जिसमें आयुक्त सतीश कुमार फर्म के सर्वे के बाद रिपोर्ट सही ढंग से बनाने के लिए 10 लाख रु पयों की मांग फर्म संचालक से कर रहा था। रविवार को फर्म संचालक अनिरु द्ध पिंपलापुरे आरोपी आयुक्त सतीश कुमार के सिविल लाइन्स सागर स्थित घर रिश्वत की पहली किस्त के 5 लाख रु पए लेकर पहुंचे जहां ईओडब्ल्यू की टीम ने रंगे हाथ सतीश कुमार को पकड़ लिया।