जबलपुर से उठी आवाज, पंचायत व नगरीय निकाय चुनाव के पहले न हों संगठन चुनाव
भोपाल । पंचायत व नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी को 27 प्रतिशत टिकट देने के संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी फार्मूला तय कर रही है। पार्टी ने ओबीसी को 27 प्रतिशत नगरीय निकाय चुनाव में टिकट देने का वादा किया है। इस वादे को कैसे निभाया जाए, इसे लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हालांकि इसमें से 14 प्रतिशत के लगभग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ओबीसी को आरक्षण दिया जा रहा है, बाकी का बचा हुआ 13 प्रतिशत के लगभग पार्टी अपनी ओर से ओबीसी को टिकट देगी। इस वादे को पूरा करने के लिए कांग्रेस अनारक्षित वार्ड में से 13 प्रतिशत टिकट ओबीसी को देगी। वहीं जबलपुर में संगठन चुनाव के सिलसिले में आए निर्वाचन अधिकारियों के सामने कार्यकर्ता व नेताओं ने सुझाव दिया है कि पंचायत व नगरीय निकाय चुनाव के कारण पार्टी संगठन के चुनाव टाले जाएं। ऐसा माना जा रही है कि पीसीसी एक-दो दिन में फैसला करेगी।
जिला कांग्रेस कमेटियों से भी मांगे हैं सुझाव
प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं और नगर निगमों में बचे हुए 13 प्रतिशत सीटों पर ओबीसी को टिकट दिये जाने को लेकर फिलहाल कांग्रेस ने कोई फामरूला तय नहीं किया है। इस फामरूले को कैसे तैयार किया जाएगा, इसका अभी किसी भी कांग्रेस नेता के पास जवाब नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि सभी जिलों से वार्ड पार्षदों के टिकट के दावेदारों के पैनल पीसीसी आने के बाद यह तय किया जाएगा कि किन-किन अनारक्षित वार्डो में पार्टी के वादे अनुसार आरक्षण देते हुए ओबीसी को प्रत्याशी बनाना है। नगर पालिका और नगर निगमों में वार्डो के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भी सभी अनारक्षित वाडोर्ं के दावेदार इसी पेशोपेश में हैं कि उनका वार्ड पार्टी के वादे के अनुसार ओबीसी के खाते में न चला जाए। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी फामरूला महापौर और नगर पालिका अध्यक्षों के आरक्षण के बाद बनाया जाएगा, लेकिन फामरूला क्या होगा, कैसे अनारक्षित वाडरे में पार्टी ओबीसी को टिकट देगी, इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ अपनी कोर टीम और अन्य नेताओं से विचार विमर्श करने के बाद आगे का निर्णय लेंगे।
