त्रासदी के 25 साल, केंद्रीय मंत्री करेंगे श्रमवीरों का सम्मान 22 मई को
जबलपुर। भूकम्प त्रासदी को 25 साल हो रहे हैं, 22 मई 1997 को तड़के जबलपुर की धरती न केवल कांपी थी बल्कि वो जख्म दे गई जिसे याद कर आज भी लोग भयभीत हो जाते हैं। भूकम्प को केंद्र (एपी सेंटर) रहे कोसमघाट को कोई कैसे भूल सकता है, कोसमघाट के लोग प्रहलाद पटैल को कैसे भूल सकते हैं और वर्तमान केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटैल कोसमघाट को कैसे भूल सकते हैं। वे अपने श्रमवीर साथियों के सहयोग से 22 मई को पूर्वान्ह 11 बजे कोसमघाट पहुंचेंगे, जहां श्रमवीरों का सम्मान किया जाएगा।
कई दिनों तक डेरा डालकर मजदूरों की तरह जुटे रहे प्रहलाद पटैल
25 साल पहले 22 मई की सुबह 4: 22 बजे आए विनाशकारी भूकम्प की भयावह त्रासदी आज तक जबलपुरवासियों के जेहन में ताजा हैं। हालांकि इन बीते सालों में जवान हो चुकी नई पीढ़ी को इसकी भयावहता का अंदाज नहीं है, लेकिन जिन्होने उस दौरान इस त्रसदी को लाइव देखा,उनके जेहन,स्मृति और संस्मरणों में आज भी त्रसदी जिंदा है। भले ही आज शासन-प्रशासन भूकम्प में मारे गए लोगों के नाम तक भूल गया हो, लेकिन इस त्रसदी से जुड़ी यादों को याद रखने वाले आज भी दिवंगतों के प्रति हर साल श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इसी श्रृंखला में केंद्रीय जलशक्ति और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री प्रहलाद पटैल कोसमघाट के उन परिवारों के बीच पहुंचेगे जिनके मकान ध्वस्त हो गए थे। प्रहलाद पटैल अकेले जनप्रतिनिधि रहे जिन्होने कोसमघाट में डेरा डालकर न केवल पीड़ितों की मदद की थी बल्कि मजदूर की भांति कड़ी धूप में लोगों के घरोंदे बनाए।
ताकि त्रसदी में मानव सेवा के लिए अगली पीढ़ी प्रोत्साहित हो
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटैल इसका श्रेय अपने साथियों को देते हुए कहते हैं कि जब कोसमघाट गांव का एक भी मकान सुरक्षित नहीं बचा था तब सभी ने मिलकर न केवल पीड़ितों के आंसू पोंछे बल्कि एक बार फिर उनके आशियाने बनाए। उसी घटनाक्रम की स्मृति में साथ निभाने वाले श्रम वीर साथियों का सम्मान कल कोसमघाट में किया जा रहा है। सहयोग क्रीड़ा मंडल गोटेगांव द्वारा 22 मई को पूर्वान्ह 11 बजे से आयोजित समारोह में उन श्रमवीरों का सम्मान किया जाएगा जिन्होने अपना घर-परिवार छोड़ कर चिलचिलाती गर्मी और भूकम्प से आई त्रसदी से हुई बर्बादी के बीच रह कर पीड़ित मानवता की सेवा को अंजाम दिया था। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटैल ने कहा कि श्रम वीर सम्मान समारोह में जनसेवा और भवन निर्माण का काम करने वालों को इसलिए सम्मानित किया जाना जरूरी है ताकि अगली पीढ़ी त्रसदी में मानव सेवा के लिए प्रोत्साहित हो। सहयोग क्रीड़ा मंडल के अध्यक्ष बद्रीप्रसाद चौकसे ने सभी से कल कोसमघाट पहुंचने की अपील की है।