आलीशान दफ्तर की तिजोरी खोलने बुलाए एक्सपर्ट, 21 लाख नकद जब्त
जबलपुर। लंदन-दुबई और गोवा में बैठकर ऑनलाइन क्रि केट सहित एप आधारित सट्टा का संचालन करने वाले कुख्यात सटोरिया सतीश सनपाल पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके ‘हाईटेक कैश कलेक्शन सेंटर’ में छापा मारा। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर क्राइम ब्रांच व लार्डगंज थाना की पुलिस फोर्स ने राइट टाउन स्थित ऑफिस में देर रात दबिश दी। पुलिस बल के साथ आयकर टीम ने ऑफिस में रखीं 2 तिजोरी खोलीं जिसमें लाखों की रकम, कई बैंकों की चेक बुक, फर्जी फर्मों और प्रॉपर्टी के दस्तावेज निकले हैं। सतीश सनपाल के ऑफिस से जब्त रकम सिर्फ एक दिन का कलेक्शन बताया जा रहा है।
पुलिस को आजम खान व विक्की जैन की तलाश
एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मदनमहल थाने में दर्ज आईपीएल सट्टे के प्रकरण में आजम खान और विक्की जैन की तलाश है। दोनों क्रि केट सटोरिया सतीश सनपाल के गुर्गे हैं। सतीश के पैसे का कलेक्शन विभिन्न फर्जी फर्मो के माध्यम से कर उनके बैंक खातों में जमा करने की पूर्व में सूचना मिली थी। पड़ताल में पता चला था कि आरके टॉवर राइट टाउन स्थित बिल्डिंग में सतीश सनपाल का आलीशान चेम्बर बना हुआ था। चेंबर में फर्जी फर्मो के नाम पर रेतनाका ग्वारीघाट निवासी अमित शर्मा और विवेक पांडे सहित अन्य लोग लाखों रूपए की रकम के लेन-देन का काम करते हैं। सूचना पर डीएसपी क्र ाइम प्रभात शुक्ला की अगुवाई में लार्डगंज टीआई प्रफुल्ल श्रीवास्तव, लाइन में पदस्थ एसआई एवं प्रकरण में विवेचक मनीष भदौरिया, क्र ाइम ब्रांच के एएसआई अजय पांडे, प्रधान आरक्षक महेंद्र पटेल, ब्रह्मप्रकाश और अन्य लोगों की टीम ने दबिश दी।
मौके पर सतीश का भाई मनोज सनपाल मिला
टीम ने रेड डाली तो मौके पर क्रि केट सटोरिया सतीश सनपाल का भाई मनोज सनपाल व दीपक रजक मिले। अमित शर्मा व विवेक पांडे पुलिस पहुंचने के पहले ही फरार हो चुके थे। दीपक रजक ने पूछताछ में बताया कि ये ऑफिस सतीश सनपाल का है। यहां आजम खान व अमित शर्मा उसके लिए क्रि केट सट्टे की रकम का लेन-देन करते हैं। विवेक पांडे कैशियर है, जो इस रकम को विभिन्न फर्मों के माध्यम से अगले दिन आदर्श नगर स्थित एचडीएफसी बैंक में जमा करा देता है। अधिकारी भौंचक, डिजिटल तिजोरी खोलने बुलाए एक्सपर्ट .... सतीश सनपाल का लग्जरी ऑफिस देखकर छापा मारने पहुंची टीम की आंखें भी चौंधिया गईं। ऑफिस में पुलिस को 2 तिजोरी मिलीं, जिसमें एक डिजिटल तिजोरी थी। टीम ने तिजोरी खोलने का प्रयास किया, लेकिन तिजोरी के लॉक नहीं खुले। पुलिस ने रात करीब 12 बजे बेलबाग क्षेत्र से लॉक खोलने वाले एक्सपर्ट कारीगर को बुलाया। आधा घंटा के अथक प्रयास के बाद तिजोरी खोलीं गईं। तिजोरी से 27 विभिन्न कंपनियों के सील, 3 ऋण पुस्तिका, 7 नोटपैड, 34 चेकबुक, 3 मोबाइल एवं प्रॉपर्टी संबंधी कागजात सहित 21 लाख 55 हजार रु पए मिले।
आयकर विभाग की टीम को बुलाया गया
क्रि केट सटोरिया सनपाल के ऑफिस से लाखों की रकम और बोगस फर्मों की जानकारी मिलने पर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने मामले में आयकर विभाग से चर्चा की। इसके बाद आयकर की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने बोगस फर्मों और उनके लिंक बैंक खातों की जानकारी ली है। लार्डगंज थाने में जब्ती का प्रकरण बनाया गया है। अब जब्त दस्तावेजों और फर्मों के साथ बैंक खातों से बडा खुलासा होने की उम्मीद है। सतीश सनपाल से जुड़े दोनों सटोरियों के मोबाइल भी फारेंसिक लैब भेजे गए हैं। उम्मीद हैं कि उनके डाटा रिकवर होने पर कई अहम जानकारी पुलिस को मिल सकती है।
बोगस कंपनियों का लेन-देन खोलेगा रकम की पोल
आईपीएल क्रि केट सहित अन्य सट्टे की रकम बोगस कंपनियों और हवाला के जरिए सतीश सनपाल तक पहुंचती थी। बोगस कंपनियों से जुड़े खातों से पता चलेगा कि अब तक सतीश सनपाल तक कितनी रकम पहुंच चुकी है। आयकर विभाग की टीम अलग से जांच में जुटी है। एसपी बहुगुणा ने बताया कि इस सटोरिए के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि कुछ पहले पुलिस ने शासकीय जमीन को सतीश के अवैध कब्जे से मुक्त कराया था।