रांझी के इंदिरा नगर में घटना, पति-पत्नी के बीच ‘वो’ की बात आई सामने
जबलपुर। ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर (जीआरसी) से रिटायर होकर बैंक में सुरक्षा गार्ड की नौकरी वाले 52 वर्षीय रामाधार प्रजापति ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुबह करीब 7 बजे सुरक्षा गार्ड ने लाइसेंसी बंदूक से जांघ में गोली ली। शरीर से अधिक खून का बाहव होने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर रांझी टीआई विजय सिंह परस्ते सहित एफएसएल टीम पहुंच गई। पुलिस ने शव का पंचनाम कर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजेते हुए मर्ग कायम कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि मृतक सुरक्षा गार्ड से उसकी पत्नी-बच्चे अलग रहते थे और उसके किसी महिला से अवैध संबंध को लेकर पति-पत्नी में तनातनी चल रही थी।
पड़ोसी के घर लगे सीसीटीवी में घटना कैद
रांझी टीआई विजय सिंह परस्ते के मुताबिक इंदिरा आवास कॉलोनी रांझी निवासी रामाधार प्रजापति जीआरसी से रिटायर होने के बाद बैंक में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा था। घरेलू विवाद के चलते 7 महीने से उसकी पत्नी सरस्वती प्रजापति बच्चों के साथ अलग विजय नगर स्थित मायके में रह रही थीं। मूलत: यूपी के अतरहा निवासी रामाधार प्रजापति ने इंद्रा आवास कॉलोनी में खुद का बड़ा सा मकान बना रखा था। उसके यहां तीन किराएदार रह रहे थे। आज सुबह 7.13 बजे उसने घर के मेन दरवाजे में ताला लगाया। बंदूक लेकर निकला और गेट के बगल में खुद की बायीं जांघ में गोली चला दी। ये पूरी घटना थोड़ी दूर पड़ोसी के घर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फायरिंग की आवाज सुनकर किराएदार निधि राणो सहित अन्य लोग दौड़ कर पहुंचे तो वह खून से सना तड़प रहा था।
डायरी में लिखे तरह-तरह के हिसाब, सुसाइड नोट की तलाश
रामाधार ने सुसाइड से पहले अपना मोबाइल, बैंक का विड्राल और जेब में एक डायरी रख लिया था। डायरी में कई तरह के हिसाब-किताब लिखे हैं। रामाधार को ऐसी हालत में देखकर किराएदारों ने एम्बुलेंस के साथ रांझी पुलिस को खबर दी। एम्बुलेंस पौने घंटे बाद आ सकी। तब तक अधिक रक्तस्त्रव के चलते उसकी मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची रांझी पुलिस ने रामाधार प्रजापति की बंदूक, मोबाइल, बैंक विड्राल व डायरी आदि जब्त कर लिया है। सुसाइड नोट आदि को लेकर घर की तलाशी ली जा रही है। पति द्वारा सुसाइड की सूचना पाकर मायके से पत्नी व बेटी घर पहुंचे।
पत्नी से तलाक के लिए कोर्ट में लगाया था केस
पत्नी सरस्वती ने घरेलू विवाद के चलते रांझी थाने में डायल-100 और महिला थाने में शिकायत भी की थी। महिला थाने में काउंसलिंग भी हो चुकी थी। रामाधार प्रजापति ने पत्नी से तलाक का कोर्ट में केस भी लगा रखा था। तीन बच्चों में 26 साल का बेटा शुभ्म और 23 साल की बेटी मोनिका बैंगलुरु में रहकर पढाई और साथ-साथ जॉब करते हैं। 21 साल की छोटी बेटी अंम्बिका बीटेक की पढाई पूरी कर मां के साथ रहती है।
2017 में रिटायर होने के बाद खरीदी थी बंदूक
रामाधार प्रजापति ने 2017 में रिटायर होने के बाद बंदूक खरीदी थी। इसके बाद उसे बैंक में सुरक्षा गार्ड की नौकरी मिल गई थी। बताते हैं कि वह अधिक ड्रिंक करता था। सात महीने पहले भी उसने गुस्से में गोली चलाई थी। तब गोली दरवाजे पर लगी थी, तब बेटे ने बंदूक छीन कर अलग किया था। हालांकि इस छीनाझपटी में बंदूक टूट गई था। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में यह बात सामने आई है कि रामाधार प्रजापति का एक अन्य महिला से संबंध जुड़ गया है। मदनमहल क्षेत्र निवासी ये महिला अक्सर रामाधार से मिलने उसके घर पहुंचती थी। इसी तरह रामाधार भी उसके घर मदनमहल जाता था। रामाधार शुक्र वार की रात ऑटो से घर लौटा था और अधिक ड्रिंक किए हुए था।