पूजन सामग्री विसजिर्त करने गए बच्चों की मौत का ह्दय विदारक मंजर
जबलपुर। सत्यनारायण की कथा में शामिल होने गए 2 परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूजन सामग्री विसजिर्त करने हिरन नदी गए दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई और एक बालक सकुशल बच गया। हादसे में बच्चों की मौत और एक साथ दो अर्थी उठने ह्दय विदारक मंजर देखकर वहां मौजूद लोगों के दिल भर आए। रिश्ते में मामा-बुआ के भाई-बहन की लाश घर पहुंचने के बाद सिहोरा के वार्ड क्रमांक 16 का माहौल ऐसा था कि हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। बेटे कृष्णा की लाश से लिपटी मां तो रोते-रोते बेहोश हो गई,उसने दोनों हाथों से बेटे को ऐसा पकड़कर रखा था, कि लोग बच्चे की लाश को अलग करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। दोनों बच्चों की अर्थी खितौला से मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई तो सड़क के दोनों ओर करीब 1 किलोमीटर तक बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं मृत भाई-बहन की एक झलक देखने के लिए खड़े थे।
दुबे और तिवारी परिवार में मातम
खितौला बरा मोहल्ला के मूल निवासी श्रवण तिवारी त्रिमूर्ति नगर में पत्नी संध्या, बेटी काव्या और बेटे कृष्णा के साथ रहते थे। श्रवण परिवार के साथ खितौला वाले घर में सत्यनारायण की कथा कराने पहुंचे थे। कथा में शामिल होने के लिए उन्होंने अपनी बहन और बहनोई सुनील दुबे को आंमत्रित किया था। जीजा और बहन का मूल निवास सिहोरा है, लेकिन सर्विस में होने के कारण सुनील दुबे अमलाई में रहते हैं। कल वे भी अपने परिवार के साथ श्रवण तिवारी के घर पहुंचे थे। कथा होने के बाद पूजन सामग्री विसजर्न करने हिरन नदी पहुंची सुनील की 17 साल की बेटी आस्था और श्रवण तिवारी का 16 वर्षीय बेटा कृष्णा पानी में डूब गए, जिनकी मौत गई। हादसे में अभय नामक लड़के को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित पानी के बाहर निकाल लिया था।
भाई के माथे पर छोटी बहन ने लगाया अंतिम टीका
भाई की अर्थी उठने से पहले कृष्णा की छोटी बहन काव्या ने उसके माथे पर टीका लगाते हुए आंखों में को चूमा तो समूचा माहौल गमगीन हो गया। बताया जाता है कि कृष्णा क्राइस्ट चर्च स्कूल में पढ़ता था और पढ़ने में बहुत होशियार था। कृष्णा के पिता श्रवण और बेटी आस्था के पापा बच्चों की लाश देखकर बेहोश हो गए, जिन्हें होश में लाने के लिए डाक्टरों को बुलाना पड़ा।
