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सस्पेंस: सरकार ने राजभवन से वापस मंगाया अध्यादेश,मेयर-अध्यक्ष पार्षद चुनेंगे या जनता?

तीन चरणों में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी, ईसी ने कलेक्टरों से 20 तक मांगी डिटेल

 भोपाल। नगर निगमों में मेयर और नगर पालिका व नगर परिषदों में अध्यक्ष को पार्षद नहीं, बल्कि सीधे जनता ही चुनेगी, इस पर फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। सरकार ने मेयर-अध्यक्ष को सीधे जनता द्वारा चुने जाने वाले अध्यादेश को बुधवार को अचानक राजभवन से वापस बुला लिया है। नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का अध्यादेश सरकार ने राजभवन भेजा था।

 इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन के लिए विकास खंडवार चरणों का निर्धारण कर दिया है। पंचायत चुनाव तीन चरण में कराए जाएंगे। परिसीमन के दौरान यह बात सामने आई है कि जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार कुछ जिलों में 1 से अधिक विकास खंडों में है। यानि जिला पंचायत के किसी सदस्य के निर्वाचन क्षेत्र क्षेत्र की कुछ पंचायतें एक विकासखंड में है और कुछ दूसरे विकासखंड में हैं। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि दोनों विकास खंडों में निर्वाचन एक ही दिन में संपन्न कराए जाएं ताकि मतदान के बाद मतगणना का कार्य भी मतदान की समाप्ति के उपरांत उसी दिन करा दिया जाए। यदि कहीं ऐसी स्थिति बनती है तो उन विकास खंडों में निर्वाचन एक ही दिनांक में कराए जाने का प्रस्ताव 20 मई 2022 तक भेजा जाए। यदि प्रस्तावित चरणवार विकासखंड वार मतदान की प्रक्रिया में कुछ संशोधन के सुझाव हों तो यह जानकारी भी कलेक्टर 20 मई तक भेज सकते हैं।

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